''गाजा का बदला लेंगे रोक सको,तो रोक लो''

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्लीः मुंबई पुलिस कमिश्नर को एक धमकी भरा खत मिला है. कथित तौर पर यह खत आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन की तरफ से आया है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि इस बार 1993 की तरह की चूक नहीं होगी. 1993 में तुम्हारी तकदीर ठीक थी इसलिए हमारा मकसद पूरा नहीं हो पाया था. लेकिन इस बार कोई नहीं बचा पाएगा.

मुंबई पुलिस आयुक्त राकेश मारिया को ‘‘गाजा में हमले का बदला’’ लेने के लिए मेट्रोपोलिटन शहर में आतंकवादी हमला करने को लेकर कथित तौर पर धमकी भरा पत्र मिला है. उसके बाद शहर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है. मारिया ने आज यहां बताया कि उनके नाम संबोधित एक पन्ने का पत्र 25 जुलाई को पोस्ट के जरिए मुंबई पुलिस नियंत्रण कक्ष ने हासिल किया.

पत्र में लिखा है, ‘‘गाजा के लिए हम बदला लेंगे. 1993 में आपको :मारिया: एक मौका मिला था. इस बार आपको नहीं मिलेगा. अगर आप हमें रोक सकते हैं तो रोक लें.’’ पत्र पर सिर्फ ‘‘मुजाहिदीन’’ नाम से हस्ताक्षर है. पत्र की अन्य सामग्री हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी में लिखी हुई है. इसमें शहर में आतंकवादी हमले का संकेत दिया गया है.

मारिया ने कहा, ‘‘हम पत्र की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं. हालांकि, हम धमकी को हल्के में नहीं ले रहे हैं. अपराध शाखा और सभी पुलिस स्टेशनों को अलर्ट कर दिया गया है.’’ मुंबई पुलिस प्रमुख ने हाल में पुलिस विभाग को एक आंतरिक परिपत्र जारी किया था जिसमें त्योहारों के मौसम के दौरान महाराष्ट्र समेत विभिन्न स्थानों पर विगत में विभिन्न स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों का उल्लेख किया गया था और अपने कर्मियों को अलर्ट रहने को कहा था.

मारिया ने कहा कि शुक्रवार के आतंकवादी हमले के खतरे के मद्देनजर पुलिस ईद की पूर्व संध्या पर कडी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड रही है. मुंबई पुलिस के उपायुक्त के तौर पर मारिया ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच की थी और दाउद इब्राहिम गिरोह के कई सदस्यों और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया था.

पिछले साल से एनआईए, दिल्ली पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस यासीन भटकल समेत इंडियन मुजाहिदीन के कई महत्वपूर्ण आतंकवादियों को गिरफ्तार कर चुकी है. गाजा पर इस्राइली सेना के हमले में कई फलस्तीनी मारे गए हैं और हजारों अन्य जख्मी हुए हैं.

पुलिस सूत्रों की मानें तो चिट्ठी का कुछ हिस्सा इंग्लिश में है, बाकी पूरी चिट्ठी हिन्दी में है. चिट्ठी के शुरुआत में ही लिखा गया है, 'रोक सको तो रोक लो इस बार. 1993 में तुम लोगों की तकदीर अच्छी थी.' इतना ही नहीं इस खत पर मुजाहिद्दीन नाम से हस्ताक्षर भी किया गया है. इस खत के बाद सुरक्षा बलों को चौकना कर दिया गया है. सभी ऐंटि-टेरर सेल्स को भी सतर्क कर दिया गया है.
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