जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 35A को लेकर अपने सभी समर्थकों को एक जुट होने की अपील की है. उन्होंने कहा, इस वक्त अफवाहें हो रही हैं कि 35 ए के ऊपर हमला हो सकता है. उसके हवाले से हम सबको इकट्ठा होना चाहिए. न सिर्फ नेताओं, बल्कि राजनीतिक कार्यकर्ता को भी. चाहे नेश्नल कॉन्फ्रेंस हो, कांग्रेस हो, भाजपा हो या पीडीपी.
हमारे कार्यकर्ताओं को सबके घर जाना चाहिए और सभी को यह बताना है कि इस वक्त राजनीतिक लड़ाई को किनारे रखकर एक साथ होकर जम्मू-कश्मीर के 35 ए की रक्षा के लिए हम जान और माल की कुर्बान करने के लिए तैयार हो जाएं.
दरअसल यह विवाद तब तूल पकड़ने लगा जब राजग नेतृत्व वाले केंद्र ने घोषणा की कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 100 और कंपनियां (10,000 जवान) राज्य में भेजी जाएंगी. महबूबा ने इससे पहले भी 35 ए को लेकर कहा था की अगर जम्मू-कश्मीर को मिली विशेष अधिकार के साथ कोई छेड़छाड़ करता है तो वो आग के साथ खेलने के जैसा होगा.
* क्या है 35 ए और क्या है प्रावधान
अनुच्छेद 35A को लेकर चर्चा कई वर्षों से जारी है. इसको लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. दरअसल 35A संविधान का वो अनुच्छेद है जिसके तहत कश्मीर के स्थायी निवासियों के लिए नियम तय हुए हैं.
इस अनुच्छेद के तहत कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार और सुविधाएं दी गई हैं जो कि नौकरियों, संपत्ति की खरीद-विरासत, स्कॉलरशिप, सरकारी मदद और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाओं से संबंधित हैं.
