नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वर्षों पहले भारतीय जेल से छोड़े जाने को लेकर भाजपा पर तंज कसते हुए सोमवार को इस आतंकी के लिए ‘जी’ शब्द लगाकर संबोधित किया.
इस पर भाजपा ने उन पर जमकर निशाना साधा तो कांग्रेस ने कहा कि गोदी मीडिया और सत्तारूढ़ पार्टी कटाक्ष को भी जानबूझकर घुमा रही है. दरअसल, गांधी ने दिल्ली कांग्रेस के ‘मेरा बूथ, मेरा गौरव’ सम्मेलन में पुलवामा हमले का उल्लेख करते हुए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ये 56 इंच के सीनेवाले अपनी पिछली सरकार में मसूद अजहरजी के साथ बैठकर गये. अब जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं वह मसूद अजहर को छोड़कर आये. भाजपा ने मसूद अजहर को जेल से छोड़ा.
उन्होंने यह भी कहा, हमने अपने दो प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) खोये. हम आतंकवाद से डरनेवाले नहीं हैं. राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, पहले दिग्विजय सिंहजी ने ‘ओसामा जी’ और ‘हाफिज सईद जी’ कहा. अब आप (राहुल गांधी) ‘मसूद अजहर जी’ कह रहे हैं. कांग्रेस पार्टी को यह क्या हो गया है?
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, राहुल गांधी और पाकिस्तान में साझी बात क्या है? यह आतंकवादियों के लिए उनका प्रेम है. ईरानी ने कहा कि कृपया नोट करें कि मसूद अजहर के प्रति श्रद्धा इस बात का सबूत है कि राहुल आतंकवादियों से प्रेम करते हैं. इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, राहुलजी के ‘मसूद’ कटाक्ष को जान-बूझकर न समझनेवाले भाजपाइयों व चुनिंदा गोदी मीडिया साथियों से दो सवाल क्या एनएसए डोभाल आतंकवादी मसूद अजहर को कंधार जाकर रिहा नहीं कर आये थे? क्या मोदीजी ने पाक की आईएसआई को पठानकोट आतंकवादी हमले की जांच करने के लिए नहीं बुलाया? सुरजेवाला ने अजहर और कुछ अन्य आतंकवादियों को छोड़े जाने के समय की एक तस्वीर भी शेयर की जिसमें इन आतंकवादियों के साथ डोभाल भी दिख रहे हैं. इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने 2011 में ओसामा बिना लादेन के लिए ‘ओसामा जी’ शब्द का इस्तेमाल किया था जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया था. बाद में उन्होंने कहा था कि उनकी यह टिप्पणी कटाक्ष थी.
