नयी दिल्ली : उप-चुनावों में करारी हार के बावजूद भारतीय जनता पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत का दावा किया है. भाजपा के नेताओं ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों के साथ – साथ ‘ मोदी फैक्टर ‘ 2019 में भाजपा को जीत दिलाएगी.
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर हुए उप – चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद आज कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट पर उप – चुनावों में पार्टी की हार ने पर्याप्त रूप से स्पष्ट कर दिया है कि अगले आम चुनावों में यदि विपक्ष एकजुट हो जाए तो राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में भाजपा की चुनावी राह बड़ी मुश्किल हो जाएगी.
साल 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से 71 जबकि इसके सहयोगी अपना दल को दो सीटें हासिल हुई थीं. लेकिन अगले लोकसभा चुनाव में ऐसा प्रदर्शन दोहराने के लिए भाजपा को फिर से वोटों को एकजुट करने के जोरदार प्रयास करने होंगे.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले हफ्ते कहा था कि उनकी पार्टी एकजुट विपक्ष की चुनौती निष्प्रभावी करने के लिए 2019 में 50 फीसदी वोट प्रतिशत प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी.
बहरहाल , पार्टी ने उप – चुनावों में अपनी हार को ज्यादा तवज्जो नहीं दी. वह महाराष्ट्र की दो लोकसभा सीट पर हुए उप – चुनावों में सिर्फ पालघर सीट ही बरकरार रख पाई. भाजपा प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा कि ‘ मोदी फैक्टर ‘ ने कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिलाई है , लेकिन उप – चुनावों में लोग स्थानीय मुद्दों , जातियों एवं उम्मीदवारों को देखकर वोट देते हैं , क्योंकि उन्हें पता होता है कि इन नतीजों का केंद्र या राज्यों में कोई असर नहीं होगा.
