कुमार विश्‍वास का पलटवार, कहा- मेरे खिलाफ हर रोज नए-नए ''कटप्पा'' आते हैं

नयी दिल्ली : भ्रष्टाचारके खिलाफ आंदोलन से उपजी आम आदमी पार्टी में इन दिनों राज्यसभा सीट के लिए भूचाल मचा हुआ है. सुशील गुप्ता व नारायण दास गुप्ता के नाम की घोषणा होते ही पार्टी के अंदरखाने तीव्र विरोध शुरू हो चुके हैं.दोनों के नाम पता चलते ही आप में खलबली तेज हो गयी और […]

नयी दिल्ली : भ्रष्टाचारके खिलाफ आंदोलन से उपजी आम आदमी पार्टी में इन दिनों राज्यसभा सीट के लिए भूचाल मचा हुआ है. सुशील गुप्ता व नारायण दास गुप्ता के नाम की घोषणा होते ही पार्टी के अंदरखाने तीव्र विरोध शुरू हो चुके हैं.दोनों के नाम पता चलते ही आप में खलबली तेज हो गयी और पार्टी के पुराने नेता कुमार विश्वास ने विरोध में मोर्चा खोल दिया. कुमार विश्वास के इस विरोध से पार्टी में तकरार बढ़ने की संभावना तेज हो गयी है.

कुमार विश्वास ने आज फिर ट्वीट कर इशारों में यह कहा कि यहां कटप्पा बदले जाते हैं, बाहुबली वही रहता है. उन्होंने ट्वीट पर कहा माहिष्मती की शिवगामी देवी कोई और है जो बाहुबली को मारने के लिए हर बार कट्टप्पा बदलती रहती है. इस ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं. उधर आज गोपाल राय ने टीवी पर एक इंटरव्यू में कहा कि विश्वास को पार्टी राज्यसभा भेजने के लिए तैयार थी लेकिन कुमार विश्वास की पार्टी विरोध गतिविधियों ने असहज कर रखा था.

आप के संस्थापक सदस्यों में शाजिया इल्मी, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव बाहर निकाले जा चुके हैं. पार्टी के शुरुआती दिनों में जुड़े सदस्यों ने सोशल मीडिया पर आपत्ति जतायी. कुमार विश्‍वास ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पांच राज्‍यों के प्रभारी, दिल्‍ली के प्रदेश अध्‍यक्ष, पीएसी के सदस्‍य, दिल्‍ली के विधायक, दिल्‍ली के मंत्री ऐसे नौ पदों पर विराजमान गोपाल राय जो कार्यकर्ताओं को मीर जाफर कहते हैं आज सात महीने बाद कुंभकर्णी नींद से जागे हैं जिस पर पार्टी ने उनके बयान से किनारा कर लिया है. दरअसल इसमें माहिष्मती की शिवगामी कोई और है. मेरे खिलाफ हर रोज नए-नए कटप्पा अमानस से यहां पैदा किए जाते हैं.
इससे पहले गोपाल राय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को फेसबुक लाइव के दौरान कहा कि जो आम आदमी पार्टी की सरकार गिराने के लिए विधायकों को तोड़ने की साज़िश में शामिल हो, जो सार्वजनिक तौर पर हर मंच का उपयोग पार्टी के खिलाफ बोलने में करता हो उसे राज्यसभा में भेजा सकता है? वो पार्टी की आवाज बनेगा या पार्टी ख़त्म करने के लिए काम करेगा? क्या ऐसे व्यक्ति को राज्य सभा भेजा जाना चाहिए? मुझे लगता है कि नहीं भेजा जाना चाहिए इसलिए पार्टी ने ये निर्णय लिया.
उन्‍होंने कहा कि हमने बहुत कोशिश की विश्वास अपना आचरण सुधार लें लेकिन आज मजबूर होकर सारी बात कहनी पड़ी. उन्‍होंने कहा कि विश्वास की नाराजगी का सवाल नहीं, अरविंद समेत सभी लोग पार्टी में उनसे नाराज़ हैं. उन्‍होंने कहा कि तख्तापलट के सुबूत सही समय पर सामने लाएंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >