हैदराबाद : जीईएस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को हैदराबाद पहुंचे. यहां पर उन्होंने बहुप्रतीक्षित हैदराबाद मेट्रो रेल सेवा का उद्घाटन भी किया. एयरपोर्ट पहुंचने पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने पीएम मोदी का स्वागत किया जिसके बाद वे हैदराबाद मेट्रो रेल सेवा का उद्घाटन करने के लिए निकले. दिल्ली, मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु, लखनऊ के बाद अब अपनी बिरयानी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैदराबाद शहर में मेट्रो की शुरुआत हो चुकी है जिसकी सेवा बुधवार से आम लोग ले सकेंगे. इस मेट्रो को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से बनाया गया दुनिया का सबसे बड़ा मेट्रो करार दिया जा रहा है. आइए जानते हैं, इसकी खासियत…
1. मियापुर और नागोले के बीच 30 किलोमीटर लंबे पहले चरण का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मियापुर स्टेशन पर उद्घाटन किया. उद्घाटन के बाद 29 नवंबर को सुबह 6 बजे से नागोले स्टेशन से ट्रेनों का कमर्शल ऑपरेशन शुरू हो किया जाएगा. इस स्टेशन पर चार प्रवेश और बाहर जाने के रास्ते बनाये गये हैं.
2. पहले चरण के 30 किमी लंबे मार्ग पर 24 स्टेशन यात्रियों को मिलेंगे जिसमें शहर के व्यस्ततम इलाके जैसे राजीव गांधी इंटरनैशनल क्रिकेट स्टेडियम, ओस्मानिया यूनिवर्सिटी, सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन आदि आते हैं.
3. शुरुआती दिनों में मेट्रो में यात्रियों की भारी तादाद को नियंत्रित करने में मुश्किल आ सकती है. इसीलिए स्टेशनों को यातायात के अन्य विकल्पों जैसे बस, टैक्सी, ऑटो रिक्शा आदि से जोड़ा गया है. इस प्रकार लोगों को घर से निकलने के बाद अपने गंतव्य तक पहुंचने का पूरा नेटवर्क तैयार किया जा चुका है.
4. तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन मेट्रो स्टेशनों से और वहां के लिए फीडर सर्विस चलाएगा जिसकी शुरुआत के लिए 50 फीडर बसें लगायी गयी है. ये बसें फिलहाल कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों से चलायी जाएंगी.
5. हैदराबाद मेट्रो रेल के सभी तीन कॉरिडोर दिसंबर 2018 तक ऑपरेशनल हो जाएंगे. हाई टेक सिटी कॉरिडोर और एलबी नगर से अमीरपेट खंड के पूरा होने की तिथि जून 2018 तय की गयी है.
6. हैदराबाद मेट्रो विश्व का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का सबसे अच्छा प्रॉजेक्ट माना जा रहा है. हैदराबाद मेट्रो रेल के एमडी की मानें तो बैंकाक मेट्रो को भी पीपीपी मोड पर बनाया गया है लेकिन यह केवल 32 किमी लंबा है. उन्होंने बताया कि हैदराबाद मेट्रो की कुल लंबाई 72 किमी है.
7. पहले चरण के 24 स्टेशनों में अमीरपेट स्टेशन को इंजिनियरिंग का शानदार नमूना कहा जा रहा है, जहां से अन्य जगहों के लिए ट्रेनें बदली जा सकेंगी. यह करीब दो लाख वर्ग फीट इलाके में फैला है.
