Deoghar news : कोलियरी क्षेत्र में शक्ति की आराधना में लीन हुए श्रद्धालु, चंडी पाठ व मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय

चितरा कोलियरी के दुर्गा मंदिर में लगभग 300 वर्षों से पूजा अर्चना हो रही है. पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता ने बताया कि उनके पूर्वजों ने यहां पूजा की शुरुआत की थी, जिसकी बाद परंपरा चली आ रही है.

प्रतिनिधि, चितरा . चितरा के हाटतल्ला स्थित दुर्गा मंदिर में लगभग 300 वर्षों से पूजा अर्चना हो रही है. बताया जाता है कि सन 1839- 40 में फुलचुआं से चार भाई मनमन भोक्ता, सनमन भोक्ता, हीरालाल भोक्ता और हरख लाल भोक्ता चितरा आये थे. कहा जाता है कि उन्हीं भाइयों को माता ने स्वप्न दिया की मैं नीचे हूं. उसके बाद उस जगह की खुदाई करायी गयी. खुदाई में एक शिला निकली, जिसे बाद में वेदी बनाकर माता की पूजा की जाती है. वहीं कुछ समय बाद मंदिर का निर्माण कराया गया. इस संबंध में पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता ने बातचीत करने पर बताया कि लगभग 300 वर्ष से पहले से पूजा की जा रही है. कहा हमारे पूर्वजों के द्वारा पूजा आरम्भ की गयी. बताया कि हमारे दादाजी हकीम नारायण भोक्ता और शशि भोक्ता के पूर्वजों ने पूजा की शुरुआत की थी. पहले जमींदारी प्रथा थी और उन्हीं की ओर से विधिवत पूजा अर्चना की जाती रही. पूर्व स्पीकर श्रीभोक्ता के कार्यकाल में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया. मंदिर के सिंह दरवाजे की ऐतिहासिक मान्यता बताते हैं. कहा कि पूर्व में भैंसे और बकरे की बलि दी जाती थी. लेकिन 1955 से सरकार के नियमों का पालन करते हुए भैंसे की बलि बंद कर दी गयी है और बकरे की बलि लगातार जारी है. कहा कि कोलियरी क्षेत्र के हजारों भक्त पूजा अर्चना में शामिल होते हैं. वहीं दूसरी ओर इस शारदीय नवरात्र के अवसर पर पूरे कोलियरी क्षेत्र के लोग शक्ति स्वरूप मां दुर्गा की उपासना में डूबे हैं. सुबह-शाम हो रहे चंडी पाठ और दुर्गा पाठ से वातावरण आध्यात्मिक बन गया है. श्रद्धालुओं का मानना है कि नवरात्र का यह पर्व शक्ति की देवी की आराधना की जाती है. जो जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है.

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By SANJAY KUMAR RANA

SANJAY KUMAR RANA is a contributor at Prabhat Khabar.

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