महुआडांड़़ लोध गांव में बुधवार को जिला परिषद सदस्य स्टेला नगेसिया और प्रमुख कंचन कुजूर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीओ विपिन कुमार दुबे और बीडीओ संतोष कुमार बैठा को आवेदन सौंपा. आवेदन में कहा गया कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोध फॉल में वर्तमान कार्यरत इको विकास समिति के सदस्यों का चयन ग्राम सभा से नहीं किया गया है, जबकि वन विभाग के वनपाल कुंवर गंझू द्वारा मनमाने ढंग से समिति का चयन किया गया है. इको विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष सुनील नगेसिया ने बताया कि समिति का गठन एवं सदस्यों का चुनाव 19 नवंबर 2020 को तत्कालीन रेंजर वृंदा पांडेय द्वारा ग्राम सभा के माध्यम से किया गया था, जिसमें महिला और पुरुष समेत 40 सदस्यों का चयन हुआ था. लेकिन वर्तमान में वन विभाग द्वारा 15 सदस्य निकालकर 25 सदस्य चयनित किये गये हैं. ग्राम प्रधान फ्रांसियूस केरकेट्टा ने बताया कि बरसात में लोध जलप्रपात का ब्रिज क्षतिग्रस्त होने पर बिना ग्रामसभा के वनपाल द्वारा लोध फॉल पर पर्यटकों की एंट्री और मुख्य गेट बंद कर दिया गया था. 19 सितंबर 2025 को बिना ब्रिज मरम्मत किये वनपाल ने बिचौलियों के माध्यम से सदस्य का चयन कर गेट खोल दिया. जिला परिषद सदस्य स्टेला नगेसिया ने कहा कि गांव में लड़ाई-झगड़ा और जान-माल की क्षति की समस्या उत्पन्न हो गयी है और जब तक समस्या का समाधान ग्राम सभा एवं जनप्रतिनिधि द्वारा नहीं होता, तब तक इको विकास समिति को बंद करने की जरूरत है. मौके पर मुनेश्वर राम, सुधीर लोहरा, प्रेम सागर तिर्की, संजू नगेसिया, समेला देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे.
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