मेराल में लगातार हो रहे हाथियों के हमले से ग्रामीण आक्रोशित – समाधान नहीं निकालने पर आंदोलन की दी चेतावनी – वन विभाग से स्थायी समाधान करने की मांगप्रतिनिधि, गढ़वा मेराल प्रखंड के तिसरटेटुका पंचायत के ग्रामीण हाथियों के लगातार उत्पात से परेशान होकर बुधवार को उत्तरी वन प्रमंडल कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने डीएफओ को आवेदन सौंपते हुए हाथियों को भगाने तथा समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि शीघ्र पहल नहीं होने पर आंदोलन किया जायेगा. ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि पिछले तीन-चार वर्षों से पंचायत के नौ गांव बहेरवा, बानाजांघ, कोलोदोहर, गेरूआसोती, टेटुका कला, टेटुका खूर्द, पेंदली, बघेसर और जमुआ हाथियों के आतंक से त्रस्त हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोग खेती-बाड़ी छोड़ने और गांव खाली करने पर मजबूर हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि 21 सितंबर को बहेरवा गांव निवासी रमेश परहिया की मौत हाथियों के झुंड से कुचलने के कारण हो गयी, जबकि कई घर ध्वस्त कर दिये गये. हाथियों ने चार से पांच एकड़ में लगी फसल भी नष्ट कर दी. पंचायत की मुखिया मनीषा देवी ने कहा कि वन विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण ग्रामीण खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं. आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त को भी भेजी गयी है. आवेदन पर रफीक अंसारी, सीमा देवी, मुनिया देवी, नईम अंसारी, राजेश राम, परवेज अंसारी, विक्रम कुमार, बीरबल भुईंया, सुरेश राम, रामनाथ किसार, सुखदेव भुईंया, नेजाम अंसारी, सद्दाम हुसैन, अब्दुल रजाक समेत कई लोगों के हस्ताक्षर हैं.
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