थाना क्षेत्र में लोन सेटलमेंट के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ितों ने बताया कि आइडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड के एजेंट अभिजीत भरत और अभिनंदन दास ने गाड़ी के लोन सेटलमेंट के नाम पर तीन ग्राहक से ऑनलाइन और कैश के रूप में 2.80 लाख रुपये लिया और उन्हें भरोसा दिलाया था कि तीन माह के बाद नो ड्यूज का सर्टिफिकेट मिल जायेगा. तीन महीने बाद जब ग्राहक शोरूम पहुंचे और शोरूम मालिक से इसकी शिकायत की. जिसपर मालिक ने कहा कि हमें एजेंट के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इसके बाद ठगी के शिकार छट्ठू कुमार, छोटू पासवान व जुलकर नैन ने सबौर थाना में आवेदन दिया है. थाना अध्यक्ष सूबेदार पासवान ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
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