बगहा. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ, बगहा प. चम्पारण मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने रामनगर थाना प्रभारी दीपक कुमार पर सख्त रुख अपनाते हुए उनका वेतन रोकने का आदेश दिया है. यह आदेश 23 सितंबर 2025 को पारित किया गया मामला क्या है रामनगर थाना कांड संख्या 227/2025 में आरोप है कि आरोपी अवैध हथियार से लैस होकर आपराधिक कृत्य की योजना बना रहे थे. इस दौरान पुलिस ने एक मोबाइल फोन भी जब्त किया था. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमाल अख्तर ने 22 अगस्त 2025 को उक्त मोबाइल मुक्त कराने के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया था. रिपोर्ट दाखिल नहीं करने से अटका मामला न्यायालय ने आवेदन पर सुनवाई करते हुए थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी थी. लेकिन दो तिथियां बीत जाने के बावजूद रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई. इसकी वजह से मोबाइल मुक्त करने के आवेदन पर कोई निर्णय नहीं हो सका. अभियोजन पक्ष ने भी माना कि थाना प्रभारी ने न केवल न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया. बल्कि पुलिस अधीक्षक बगहा के 19 जुलाई 2025 को जारी निर्देशों की भी अवहेलना की. न्यायालय की टिप्पणी न्यायालय ने कहा कि वाद में देरी का मुख्य कारण थाना प्रभारी का लापरवाह रवैया है. अदालत ने पटना उच्च न्यायालय के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी वजह से वाद में अनावश्यक विलंब होता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. सख्त आदेश अदालत ने पुलिस अधीक्षक बगहा को निर्देश दिया कि संबंधित थाना प्रभारी का वेतन, जीवन निर्वाह भत्ता छोड़कर, न्यायिक आदेश के अनुपालन तक रोक दिया जाए. साथ ही, इस मामले को त्वरित विचारण हेतु चिन्हित करते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर 2025 को निर्धारित की गई है.
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