कृषि, पशुपालन और स्वरोजगार से बदल रही महिलाओं की तस्वीर

कृषि, पशुपालन और स्वरोजगार से बदल रही महिलाओं की तस्वीर

किस्को़ संगम एवं नारी शक्ति संकुल स्तरीय प्राथमिक स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गीत-संगीत से हुई. मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक किस्को शाखा प्रबंधक अर्पणा भारती मौजूद थीं. संगम संगठन की स्थापना 6 जुलाई 2016 को हुई थी और इसमें 29 संगठन के माध्यम से 28 गांवों के 434 सखी मंडल सक्रिय हैं. इनमें 4757 सदस्य कार्यरत हैं. वहीं नारी शक्ति संगठन की स्थापना 5 जुलाई 2016 को हुई थी. इसमें 24 ग्राम संगठन और 342 सखी मंडल कार्यरत हैं जिनमें 3577 महिलाएं शामिल हैं. दोनों संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बीमा अधिकार के प्रति जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं. संगम सीएलएफ के सहयोग से परिवार कृषि, बकरी पालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान, किचन गार्डन और जैविक खेती से जुड़े हैं. 434 सखी मंडलों के बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें से 381 मंडलों को 59.17 लाख की चक्रीय निधि और 324 मंडलों को 2.63 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये हैं. 373 मंडलों को डेढ़ लाख से छह लाख तक का बैंक लिंकेज लोन मिला है. नारी शक्ति संगठन ने भी बड़ी संख्या में परिवारों को कृषि, बकरी पालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान, दीदी बाड़ी योजना, बत्तख पालन, वर्मी कंपोस्ट और मत्स्य पालन से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है. कार्यक्रम में बीपीओ, सीसी, मैनेजर, अध्यक्ष समेत महिला समूह की सैकड़ों दीदी उपस्थित थीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >