माता रानी के मंदिरों में जले आस्था के ज्योत

शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां चन्द्रघंटा की पूजा की गई. इस पूजा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह रहा. नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है.

दीप से माता का दरबार हुआ रोशन ठाकुरगंज. शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां चन्द्रघंटा की पूजा की गई. इस पूजा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह रहा. नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है. इस दिन मां के इस रूप की पूजा का विशेष महत्व है. जिसको लेकर के मंदिरों में मां कुष्मांडा की पूजा करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी ,मां का ये रूप भक्तों को शत्रु और नकारात्मक ऊर्जा पर विजय पाने में मदद करता है. मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा जैसी आकृति होती है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है . मां के इस रूप का व्रत आज यानी बुधवार के दिन किया गया. इस साल शारदीय नवरात्र नौ दिनों के नहीं 10 दिनों के है, अर्थात एक दिन की वृद्धि हो रही है . ये वृद्धि तृतीया तिथि में हो रही है, इसलिए बुधवार और गुरुवार दोनों दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी. सैकड़ों मनोकामना ज्योत जगमगाए आदिशक्ति के प्रति भक्तों की आस्था के प्रतीक के तौर पर आस्था के ज्योत को माना जाता है. मंदिरों में समय के साथ ज्योत की बढ़ती संख्या भक्तों की माता के प्रति अटूट आस्था को दर्शाते है. सभी देवी मंदिरों में माता की पूजा ज्योत प्रज्ज्वलित करते हुए की गई. कठोर तप करते हुए कर रहे भक्ति मां दुर्गा के प्रति भक्तों की ऐसी आस्था है कि कोई नौ दिनों तक व्रत करेगा तो वहीं कुछ लोग नंगे पांव ही नौ दिन बिताएंगे. इसी तरह कोई बिना नमक का भोजन करेगा. तो कोई लहसून, प्याज का त्याग कर सेंधा नमक वाला भोजन ग्रहण करेंगे. भक्त अलग-अलग तरह से भक्ति प्रकट कर रहे है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >