नवरात्र में बरकरार है माता की चुनरी का क्रेज

50 से 500 तक है कीमत

पूजन पंडालों और आस पास के फुटपाथों पर सजा है चुनरी का बाजार

पूजन सामग्री के साथ मां को प्रसन्न करने के लिए चुनरी खरीद रहे भक्त

बाजारों में छोटी से बड़ी चुनरी तक उपलब्ध, 50 से 500 तक है कीमत

पूर्णिया. शारदीय नवरात्र के आज तीन दिन गुजर गये पर माता की चुनरी का क्रेज बरकरार है. दुकानदार भी मानते हैं कि अंतिम दिन तक चुनरी की डिमांड बनी रहेगी और वे इसके लिए हर रोज नया स्टॉक भी तैयार कर रहैे हैं. चुनरी के साथ न केवल पूजा की सामग्री बल्कि मिट्टी की दीप और नारियल के साथ फलाहार की सामग्रियों के स्टाल भी लगाए गए हैं.इन सामग्रियों के लिए भट्ठा बाजार के बाद खुश्कीबाग सबसे बड़ा बाजार बन कर उभरा है जहां सुबह से शाम तक भीड़ रहती है. खुश्कीबाग हाट से पहले दुर्गा मंदिर रोड में दुकानों की कम से कम संख्या पचास के करीब है और हर दुकान में दूर से ही माता की चुनरी लहराती नजर आ जाती है. गौरतलब है कि नवरात्र में माता को चुनरी चढ़ाने का विशेष महत्व है. इसलिए बाजार में इस बार माता की लाल चुनरी में सितारा वर्क, गोटा पत्ती वर्क, जरदोजी वर्क, जरी वर्क और मोती वर्क खास है. छोटी चुनरी की कीमत जहां 20 रुपये से 150 रुपये तक है, वहीं बड़ी चुनरी 50 रुपये से 500 रुपये तक है.दुकानदार विष्णु पाल बताते हैं कि इस बार नेट के वर्क में काफी आकर्षक चुनरी आई है. उनकी दुकानों में माता रानी की पोशाक भी उपलब्ध है. इनकी कीमत छोटे आकार में 20 रुपये से शुरू होकर 150 रुपये तक हैं और बड़े आकार की चुनरी 5 सौ तक मिल जाती है पर इसके ग्राहक यहां कम मिलते है.

पूजन सामग्री दुकानों में रौनक

पूजा के लिए कलश, नारियल, चुनरी, रोली, पान, घी, धूप बत्ती, अगरबत्ती, लोंग, सुपारी, कपूर सहित पूजा में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्रियां की दुकानें तैयार हैं. चूंकि नौ दिन के व्रत में अन्न से परहेज किया जाता है, इसलिए बाजार में कुट्टू, फल, व्रत के अन्य सामानों की भी दुकानें सज गई हैं. दुकानदार विजय गुप्ता ने बताया कि दुकानों पर नवरात्र को लेकर ग्राहकों की भीड़ हर रोज बढ़ी रहती है. नवरात्र को लेकर बाजार में रौनक है.

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By AKHILESH CHANDRA

AKHILESH CHANDRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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