डकरा. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डकरा में मंगलवार को स्वदेशी सप्ताह का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम को लेकर विद्यालय प्रांगण देशभक्ति और स्वदेशी भावना से ओतप्रोत नजर आया. शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुई. स्वदेशी प्रमुख गौतम कुमार शर्मा ने बच्चों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का महत्व बताया और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में छात्रों की भूमिका पर प्रकाश डाला. प्रधानाचार्य गोपाल मिस्त्री विश्वकर्मा ने स्वदेशी आंदोलन के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को समझाते हुए कहा कि स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है. हमें अपने देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग कर स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए. छात्रों द्वारा स्वदेशी वस्तुओं की प्रदर्शनी, नाटक, भाषण, स्वदेशी परिधान प्रतियोगिता और रैली का आयोजन किया गया. बच्चों ने ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. शिक्षकगणों ने भी विद्यार्थियों के साथ मिलकर हस्तनिर्मित वस्तुओं के उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही. बच्चों ने स्वयं बनाये गये स्वदेशी खिलौनों, वस्त्रों, एवं अन्य सामग्रियों की प्रदर्शनी में भाग लेकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया. इसके पहले प्राचार्य ने कार्यक्रम की शुरुआत की. संचालन विजय प्रजापति एवं धन्यवाद ज्ञापन विद्यानंद झा द्वारा किया गया. कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा.
स्वदेशी अपना कर देश को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम में शामिल हों : विश्वकर्मा
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डकरा में मनाया जा रहा है स्वदेशी सप्ताह
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