गुमला. झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा है कि हमारे जांबाज सिपाहियों के कारण बड़ी सफलता मिली है. गुमला में तीन उग्रवादी मारे गये हैं. गुमला व लोहरदगा जिला का यह संयुक्त ऑपरेशन था. गुमला एसपी हरिश बिन जमां की रणनीति से बड़ी सफलता मिली है. हाल के महीनों में 32 उग्रवादी व नक्सलियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है. उन्होंने कहा कि झारखंड का कोई भी उग्रवादी 2026 नहीं देखेगा या तो मुठभेड़ में मारेंगे या फिर सरेंडर कर दें. उग्रवादी व नक्सलियों के अलावा जितने भी प्रकार के अपराधी हैं. सभी को हमलोग खत्म करेंगे. इसके लिए झारखंड पुलिस काम कर रही है. उन्होंने कहा कि अभी भी समय है, जितने भी उग्रवादी व नक्सली बचे हुए हैं, वे सरेंडर कर दें. झारखंड की सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठायें. डीजीपी ने कहा कि पूरे राज्य में झारखंड का सरेंडर पॉलिसी सबसे बेहतर है. इसलिए सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठायें, नहीं तो उनका अंत निश्चित है. अभी राज्य में और 40 उग्रवादी व नक्सली बचे हैं, जिसे इस साल के अंत तक खत्म कर देंगे. डीजीपी ने कहा कि राज्य में अवैध रूप से बिक रहे ब्राउन शुगर, गांजा समेत अन्य नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. प्रेस कांफ्रेंस में आइजी ऑपरेशन एस माइकल, एसटीएफ के आइजी अनूप बिरथरे, एसटीएफ के इंद्रजीत महथा, गुमला एसपी हरिश बिन जमां, चैनपुर एसडीपीओ ललित मीणा, डीएसपी मुख्यालय वीरेंद्र टोप्पो समेत अन्य लोग शामिल थे.
पर्यटन क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा
डीजीपी ने कहा है कि उग्रवाद व नक्सलवाद खत्म होगा, तो राज्य का और तेजी से विकास होगा. यह विकासशील राज्य बनेगा व पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा. लोग यहां दूर-दूर से घूमने आयेंगे. स्थानीय स्तर पर भी रोजगार मिलेगा व व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. इसलिए झारखंड पुलिस प्रयास कर रही है कि नक्सलियों को इस साल के अंत तक खत्म कर दें.
थाना के बाहर अधिकारियों के मोबाइल नंबर व ई-मेल का बोर्ड लगायें
डीजीपी ने कहा है कि पब्लिक फ्रेंडली है पुलिस. इसके तहत पुलिस काम कर रही है. गुमला एसपी के नेतृत्व में बेहतर काम हो रहा है. सभी पुलिस ऑफिस जनता के लिए सुलभ व उपलब्ध है. आज जनता को किसी प्रकार की परेशानी हो, तो वे बेहिचक पुलिस के पास जाये. झारखंड पुलिस का प्रयास है कि पीड़ित के घर तक पुलिस पहुंचे. इसके तहत काम भी हो रहा है. उन्होंने एसपी से कहा कि थाना के बाहर अधिकारियों के मोबाइल नंबर व ई-मेल का बोर्ड लगायें.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
