सम्राट अशोक जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश हो: मौर्य

पटना़ सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के अवसर पर सम्राट अशोक क्लब की बिहार इकाई द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र के बापू

पटना़

सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के अवसर पर सम्राट अशोक क्लब की बिहार इकाई द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र के बापू सभागार में आयोजित हुआ. इससे पूर्व पटना सायंस कॉलेज से प्रदेश अध्यक्ष भीष्म कुमार के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गयी, जिसमें बिहार के सभी 38 जिलों से आये लगभग छह हजार सदस्य लाल परिधान में शामिल हुए. मुख्य वक्ता के रूप में डॉ सच्चिदानंद मौर्य ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सम्राट अशोक जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित करने के निर्णय की सराहना की और इसे राष्ट्रीय अवकाश बनाने की मांग उठायी. कार्यक्रम की अध्यक्षता जेपी वर्मा ने की, जबकि संचालन कुमार प्रवीण ने किया. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से राज्य के सभी थानों में अशोक स्तंभ स्थापित करने की ती मांग की गयी.

बिहार संस्कृत बोर्ड के सदस्य धनेश्वर प्रसाद ने अपने संबोधन में कुछ पंक्तियों को सुना कर लोगों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया़ क्लब के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर भीष्म कुमार ने क्लब के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अगर इस तरह काम करते रहेंगे, तो प्रदेश और देश की तकदीर और तस्वीर बदलेगी. बिहार के कोने-कोने से आये 6000 सदस्यों में तहे दिल से शुक्रिया अदा किया.

सम्राट अशोक क्लब एक संगठन नहीं, एक सोच है : नम्रता सिंह

विशिष्ट अतिथि नम्रता सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि सम्राट अशोक क्लब एक संगठन नहीं, एक सोच है, एकता की मिसाल है, हमारी पहचान है, हमारी ताकत है और पूरे देश के लिए गौरव की प्रतीक है, जो हमें एक-दूसरे से जोड़े रखने का काम करती है. राष्ट्र की एकता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए जन-जन में राष्ट्रीय चेतना को उजागर करने, संविधान आधारित समाज का निर्माण करने, आपसी सद्भावना बढ़ाने, सांस्कृतिक और पारंपरिक ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए समर्पित है. आज सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र में उमड़ा यह जनसैलाब सम्राट अशोक के प्रति सच्ची आस्था, संविधान और लोकतंत्र में हमारी दृढ़ निष्ठा और राष्ट्रीयता दर्शाता है, जो इस बात का प्रमाण है कि ताकत से जीती हुई दुनिया हमेशा नहीं रहती, परंतु प्रेम से जीता हुई दुनिया हमेशा के लिए रहती है.

कार्यक्रम में सर्वधर्म समभाव की झलक देखने को मिली, जिसमें डॉ मुनव्वर जहां, सुरजीत सिंह, सुधा वर्गीज और भन्ते अशोक वंश सहित विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. सत्यनारायण मौर्य, डॉ अरुण शांतनु, अभिषेक रंजन और डॉ आरपी मौर्या समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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Published by: Panchdev kumar

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