– वेंडरों पर लगाम लगाने की नहीं हो रही कोई पहल, लोग परेशान 100 का स्टांप पेपर 300, 500 का 800, 1000 का 1500 में बेच रहे कटिहार जिला निबंधन कार्यालय इनदिनों आमलोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. अधिकारियों की अनदेखी और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण यह कार्यालय लूट का अड्डा बन चुका है. हालत यह है कि अपनी गाढ़ी कमाई से जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कराने पहुंचने वाले लोग न केवल लूट रहे हैं. बल्कि एक साधारण स्टांप पेपर खरीदने के लिए भी चार से पांच घंटे तक मशक्कत करने के लिए मजबूर हैं. कार्यालय परिसर में सक्रिय कुछ वेंडर खुलेआम स्टांप पेपर की कालाबाजारी कर रहे हैं. 100 रुपये का स्टांप पेपर 300 रुपये, 500 रुपये का 800 रुपये और 1000 रुपये का स्टांप पेपर 1500 रुपये में खुलेआम बेची जा रही है. हैरत की बात यह है कि इस धांधली को देखने वाला कोई नहीं है. लोग मजबूरी में इन वेंडरों से महंगे दाम पर स्टांप खरीद रहे हैं. क्योंकि काउंटर से सरकारी दर पर स्टांप लेने के लिए लंबी कतार और कई घंटे का इंतजार झेलना पड़ता है. दरअसल, निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री चालान जमा करने और स्टांप बिक्री के लिए केवल एक ही काउंटर उपलब्ध है. काउंटर पर पहुंचकर सबसे पहले लोगों को लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है. इसके बाद फॉर्म भरकर जमा करना होता है. फिर कर्मियों की ओर से साफ कह दिया जाता है कि स्टांप पेपर चार से पांच घंटे बाद ही मिलेगा. कर्मियों का तर्क है कि सभी कागजात ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरते हैं. जिसमें समय लगता है. लेकिन यह व्यवस्था आमलोगों के लिए बेहद पीड़ादायक साबित हो रही है. एक काउंटर रहने पर लोगों ने जातायी नाराजगी स्टांप पेपर लेने पहुंचे श्रवण कुमार व अशोक यादव ने बताया कि उन्होंने सुबह 10:30 बजे लाइन में लगकर पैसे जमा किये और फॉर्म भरा. लेकिन काउंटर कर्मियों का कहना है कि दोपहर तीन बजे के बाद ही स्टांप मिलेगा. उन्होंने कहा कि दूरदराज से आने वाले लोगों के लिए यह इंतजार बेहद कष्टकारी है. ग्रामीण इलाकों से आने वाले कई लोग समय की कमी के कारण मजबूर होकर वेंडरों से महंगे दाम पर स्टांप खरीद लेते हैं. लोगों का आरोप है कि काउंटर पर मौजूद कर्मियों और बाहरी वेंडरों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है. समय का हवाला देकर लोगों को घंटों टाल दिया जाता है. फिर वेंडर त्वरित स्टांप उपलब्ध कराने के नाम पर मुंहमांगी कीमत वसूल लेते हैं. इस पूरी प्रक्रिया से आमजन काफी परेशान भी है. अपनी गाड़ी कमाई भी लूटाने के लिए मजबूर हो रहे है. लोगों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से की मांग निबंधन कार्यालय की अव्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने के लिए लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है. निबंधन कार्यालय पहुंचे स्टांप पेपर के लिए लोगों ने कहा कि स्टांप पेपर बिक्री और चालान जमा करने के लिए अलग-अलग काउंटर बनाया जाय तथा फॉर्म जमा करने के बाद अधिकतम 10 से 15 मिनट में स्टांप पेपर उपलब्ध कराया जाय. यदि ऐसा नहीं हुआ तो आमलोगों की परेशानी और बढ़ेगी तथा कालाबाजारी को और यूंही बढ़ावा मिलता रहेगा. कहते हैं जिला अवर निबंधन पदाधिकारी जिला अवर निबंधन पदाधिकारी अजय कुमार से बात करने पर कहा कि यदि कोई वेंडर स्टांप पेपर राशि से अतिरिक्त राशि लेता है तो इसकी शिकायत करें. शिकायत मिलने पर विधिवत ऐसे वेंडर के ऊपर कार्रवाई की जायेगी. स्टांप पेपर में चार से पांच घंटे लेट होने का कारण सभी कार्य ऑनलाइन होती है. हाल ही में मिले एक नया पोर्टल पर सारा काम हो रहा है. पिछले कई दिनों से सर्वर डाउन के कारण स्टांप पेपर के कई कार्य पेंडिंग है. दो-चार दिन में पूरी सुधार हो जायेगी.
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