दो दिन पूर्व पुल के नीचे बना पक्का डायवर्सन में दरार पड़ गयी है. इससे पुल के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है. बावजूद इसके पुल के आसपास से धड़ल्ले से बालू उठाव हो रहा है. जानकारी के अनुसार यहां प्रत्येक दिन अलसुबह दर्जनों ट्रैक्टर में बालू उठाव हो रहा है. बालू कारोबारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है. डायवर्सन में दरार आने से श्मशान घाट का रास्ता अवरुद्ध हो गया है. लोगों को आने जाने में परेशानी बढ़ गयी है.
पूर्व में पुल टूटने से परेशान हो गये थे लोग
बता दें कि वर्ष 2011-12 में बालू उठाव के कारण ही इरगा नदी पुल टूटा था. इसके टूटने से राजधानी रांची और उप राजधानी दुमका को जोड़ने वाला यह सुगम मार्ग कई महीने तक बंद हो गया था. इस क्षेत्र के लोगों को रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद और कोलकाता जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी. उस समय तत्काल आवागमन को चालू कराने के लिए डायवर्सन बनाया गया था. इसके बाद पुल निर्माण करवाया गया. पुल निर्माण में लगभग दो वर्ष का समय लग गया. वर्तमान में पुल बने लगभग दस वर्ष ही हुआ है और खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गयी है. धनवार नगर क्षेत्र लोगों ने प्रशासन से पुल के नजदीक से बालू उठाव पर तत्काल बालू बंद कराने की मांग की है.
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