नवरात्र के तीसरे दिन बोआरीजोर प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की गयी. बोआरीजोर दुर्गा मंदिर सहित श्रीपुर बाजार, ललमटिया पुरानी दुर्गा मंदिर और ललमटिया स्कूल परिसर स्थित दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया. पंडित सुमित उपाध्याय ने बताया कि मां चंद्रघंटा दस भुजाओं वाली हैं और उनके सभी हाथों में अस्त्र-शस्त्र सुशोभित रहते हैं. उनके मस्तक पर अर्धचंद्र विराजमान रहता है, जो उनके नाम की विशेषता है. मां का यह स्वरूप शक्ति, वीरता और करुणा का प्रतीक है. वे अपने भक्तों की सभी विपत्तियों का नाश करती हैं. पूजा पंडालों में समिति सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया. हर पंडाल के आसपास निगरानी की जा रही है, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो. श्रद्धालुओं में पूजा को लेकर भारी उत्साह देखा गया और पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना रहा.
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