gopalganj news. मोहम्मद साहब ने की महिलाओं, गरीबों व गुलामों के अधिकारों की रक्षा

ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की पूर्व संध्या पर भड़कुइयां के मदरसा इस्लामिया में एक जलसा का आयोजन किया गया, जिसमें मुस्लिम धर्मगुरुओं ने तकरीर पेश की तथा मुहम्मद साहब की जीवनी पर प्रकाश डाला

बरौली. इस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन शहर में ईद मिलाद-उन-नबी के रूप में मनाया गया. इस अवसर पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने जुलूस निकाला तथा खुशियां भी मनायी. जन्मदिन की पूर्व संध्या पर भड़कुइयां के मदरसा इस्लामिया में एक जलसा का आयोजन किया गया, जिसमें मुस्लिम धर्मगुरुओं ने तकरीर पेश की तथा मुहम्मद साहब की जीवनी पर प्रकाश डाला. जलसा में जामा मस्जिद बरौली के इमाम जाबिर हुसैन मिस्बाही ने बताया कि मुहम्मद साहब को खातिमुन्नबीयीन यानी नबियों की मुहर के रूप में भी जाना जाता है. मोहम्मद साहब को उनकी ईमानदारी और सच्चाई के लिए अमीन और सादिक के नाम से भी पुकारा जाता था. वे एक महान समाज सुधारक थे जिन्होंने 23 वर्षों तक इस्लाम का संदेश लोगों तक पहुंचाया. उन्होंने महिलाओं, गरीबों और गुलामों के अधिकारों की रक्षा की क्योंकि वे न्यायप्रिय और दयालु स्वभाव के थे. मदरसा के सचिव अब्दुल कलाम ने कहा कि प्रखंड के भगवतीपुर, फतेहपुर, रतनसराय बलुआ टोला आदि गांवों से जुलूस निकला जिसमें सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस भी गश्त लगाती रही. जलसा को सफल बनाने में मो. आरिफ, अलाउद्दीन, कौसर अली, सदर प्रो. जावेद आदि लगे रहे. जलसा आधी रात के बाद तक चलता रहा.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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