सेन्हा़ प्रखंड कार्यालय में जनगणना 2027 को लेकर आयोजित चार चरणों का प्रशिक्षण आठ मई को संपन्न हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया गंदगी का अंबार. प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गयी थी, जिसके बाद इस्तेमाल किये गये पत्तल, गिलास और प्लास्टिक की बोतलें प्रखंड सभागार के सामने और गलियारे में फेंक दी गयीं. तीन दिन बीत जाने के बाद भी इस कचरे को नहीं हटाया गया है. नजरअंदाज कर रहे अधिकारी व कर्मी : हैरानी की बात यह है कि प्रखंड मुख्यालय के मुख्य गलियारे में कचरे का ढेर लगा है, जिससे होकर ब्भ्उभ्टज्ञै संग्राम मुर्मू सहित तमाम कर्मी रोजाना गुजरते हैं, फिर भी किसी ने इसे साफ कराने की जहमत नहीं उठायी. चपरासी (अनुसेवक) भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़े हुए हैं. भीषण गर्मी में जूठे पत्तलों से बदबू फैलने की आशंका बनी हुई है. स्वच्छ सर्वेक्षण को ठेंगा : एक ओर स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत केंद्रीय टीमें क्षेत्र का भ्रमण कर स्वच्छता का निरीक्षण कर रही हैं और ओडीएफ प्लस की स्थिति जांचने के लिए फीडबैक ले रही हैं. पंचायतों में सफाई अभियान के दावे कियै जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रखंड कार्यालय की यह स्थिति सरकारी दावों की पोल खोल रही है. स्थानीय लोगों ने मुख्यालय की इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया है.
प्रखंड कार्यालय में स्वच्छता अभियान की उड़ी धज्जियां, प्रशिक्षण के बाद कचरे का अंबार
सेन्हा़ प्रखंड कार्यालय में जनगणना 2027 को लेकर आयोजित चार चरणों का प्रशिक्षण आठ मई को संपन्न हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया गंदगी का अंबार. प्रशिक्षण के दौरान
