सुपौल. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज 02 के तहत जिले में ‘स्वच्छता ही सेवा 2025’ पखवाड़ा 17 सितंबर से धूमधाम से शुरू हो गया है, जो आगामी 02 अक्टूबर तक जारी रहेगा. इस दौरान सभी पंचायतों और प्रखंडों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना और सफाई को जन-आंदोलन बनाना है. इस विशेष पखवाड़े के अंतर्गत पांच प्रमुख गतिविधियां शामिल की गई हैं. जिसमें जिले के सभी पंचायतों और प्रखंडों में सफाई मित्रों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए. इन शिविरों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आयुष्मान कार्ड इत्यादि की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराए गए. गांवों और पंचायतों में जहां-जहां कूड़ा-कचरे के ढेर थे, वहां सफाई पर्यवेक्षक, कर्मियों और ग्रामीणों की मदद से विशेष अभियान चलाया गया. कचरे का निष्पादन करने के बाद उन स्थानों को रंगोली और सजावट से स्वच्छोत्सव स्थल के रूप में परिवर्तित किया गया. विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, चौक-चौराहे, हाट-बाजार, सड़कें और गलियों की साफ-सफाई की गई. इस अभियान में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और सामूहिक प्रयास से सार्वजनिक स्थलों को चमकाया. पूजा पंडालों को इस बार स्वच्छ व हरित थीम पर तैयार करने का निर्देश दिया गया. पंडालों में साफ-सफाई, रंगोली और हरित सजावट पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि त्योहार के साथ-साथ स्वच्छता का संदेश भी समाज तक पहुंचे. स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए जिले में चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता, स्वच्छता रैली, स्वच्छता शपथ, लीग मैच, घर-घर जागरूकता अभियान, संध्या चौपाल और जीविका समूहों में विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मकसद केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में जीवनशैली के रूप में स्वच्छता अपनाने की आदत डालना है. पखवाड़े के दौरान हो रहे आयोजन से साफ है कि सुपौल स्वच्छ और स्वस्थ समाज की ओर एक मजबूत कदम बढ़ा रहा है.
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