पथ संचलन आत्मविश्वास और सामुदायिक सशक्तिकरण का प्रतीक

पथ संचलन आत्मविश्वास और सामुदायिक सशक्तिकरण का प्रतीक

कुड़ू़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वर्ण जयंती के अवसर पर नवरात्र के तीसरे दिन बुधवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन हुआ. इस अवसर पर कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए. पथ संचलन विद्यालय से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, इंदिरा गांधी चौक, नीचे स्टैंड, मस्जिद चौक, ब्लॉक मोड़ होते हुए बाइपास रोड से गुजरकर पुनः विद्यालय पहुंचकर संपन्न हुआ. पूरे गणवेश में स्वयंसेवक बैंड-बाजे के साथ शामिल हुए. शस्त्र पूजन और वंदना के बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं ने सामाजिक एकता और जागरूकता पर विचार रखे. कहा गया कि पथ संचलन आत्मविश्वास और सामुदायिक सशक्तिकरण का प्रतीक है. यह हिंदू समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और जागरूक करने का संदेश देता है. कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ. सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे. ड्रोन कैमरे से निगरानी की गयी तथा दंडाधिकारी रामसागर राम और पुलिस अधिकारी विजय कुमार सामड सुरक्षा व्यवस्था के साथ मौजूद रहे. पथ संचलन में आजाद शत्रु, विश्वजीत भारती, पंकज भारती, अमित कुमार बंटू, रौनक कुमार, आकाश कुमार राजा, आनंद कुमार यादव, सुबोध प्रसाद, अजय प्रसाद, लाल विकास नाथ शाहदेव, दीपक पासवान, विपिन कुमार, राजेश कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल थे. .

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By SHAILESH AMBASHTHA

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