पूरे पडरमनिया गांव में मातम है. मुबई में रह रहे पडरमनिया गांव के ही साथी पंकज बैठा ने बताया कि मनोज लगभग तीन माह पूर्व घर से मुंबई गया था. मुंबई के बांद्रा खार में उसके अलावा उसका एक और छोटा भाई शंकर राय वहां रहकर टैंपो चलाता है. छोटे भाई ने दुर्गापूजा में घर जाने की तैयारी की थी. बुधवार की सुबह आठ बजे वह ट्रेन में बैठनेवाला था. अचानक तबीयत बिगड़ने लगी, तो साथ में रह रहे अन्य ग्रामीण इलाज के लिए उसे नजदीकी अस्पताल ले गये. वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद उसकी पत्नी सानू कुमारी (29) व तीन बच्चे पुत्री अस्मिता राय (10), मासूम राय (सात) व पुत्र मायूस राय (चार) के जीवन-यापन पर संकट आ गया है. मुंबई से मृतक का शव पोस्टमार्टम कराने के बाद पडरमनिया लाने का प्रयास हो रहा है.
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