गुमला. सरस्वती विद्या मंदिर गुमला में गुरुवार से स्वदेशी सप्ताह का शुभारंभ हुआ. यह सप्ताह भारतीय राष्ट्रवादी नायक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन से शुरू होकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत महात्मा गांधी के जन्मदिन दो अक्तूबर तक चलेगा. इसका उद्देश्य भैया-बहनों के बीच स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. शिशु वाटिका के छोटे-छोटे बच्चों ने आचार्या अर्चना मिश्रा के मार्गदर्शन में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. नाटक के माध्यम से उन्होंने स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का सशक्त संदेश दिया. विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह व प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने भैया-बहनों का उत्साह बढ़ाया. प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि आज वैश्विक परिदृश्य बदल गया है. अब आक्रमणकारी सीधे हमारे मंदिरों या घरों पर हमला नहीं करते, बल्कि वे बाजार पर हावी होकर देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश करते हैं. इसलिए हमें सतर्क रह कर अपने देश में बनी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए. आचार्य सुदर्शन शर्मा ने कहा कि हम भारतीय पहले से ही लगभग 75 प्रतिशत स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करते हैं. लेकिन 25 प्रतिशत के लिए अभी भी विदेशों पर निर्भर हैं. कार्यक्रम प्रमुख अमित कुमार ने भी सभी भैया-बहनों व आचार्यों को अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने का संदेश दिया. कार्यक्रम में आचार्य देवेंद्र नाथ तिवारी, रवींद्र महापात्रा समेत विद्यालय के सभी आचार्य व दीदी जी मौजूद थे.
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