धमनी बाजार में आठ दशकों से हो रही मां वैष्णवी दुर्गा की पूजा

नवरात्र में नहीं होता मांस-मछली का सेवन, बंगला पद्धति से होती है सप्तमी से दशमी तक पूजा

सुंदरपहाड़ी प्रखंड अंतर्गत बड़ा धमनी पंचायत के घमनी बाजार में करीब 80 वर्षों से मां वैष्णवी दुर्गा की पूजा की परंपरा चली आ रही है. इस धार्मिक परंपरा की शुरुआत ग्रामीणों की आस्था और सहयोग से हुई थी. यहाँ पहले षष्ठी तक केवल नवरात्र पूजा होती है, जबकि सप्तमी से दशमी तक मां दुर्गा की आराधना बंगला पद्धति से की जाती है. पूजा के दौरान पूरा गांव भक्ति और आस्था में डूबा रहता है. पूरे क्षेत्र को आकर्षक रोशनी से सजाया जाता है और गांव में प्याज, लहसुन एवं मांस-मछली का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहता है. इस दौरान आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन को पहुंचते हैं. दुर्गा मंदिर समिति के अध्यक्ष दशरथ प्रसाद राम ने बताया कि यह प्रखंड का एकमात्र गांव है, जहां मां दुर्गा की पूजा परंपरागत ढंग से होती है. आश्विन मास में सप्तमी के दिन प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ पूजा आरंभ होती है. दसवीं को विशाल मेला और बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. मंदिर समिति में सचिव शैलेश कुमार, कोषाध्यक्ष योगेश दत्ता, सदस्य लालधर पंडित, मनोज मंडल, गुंजन साह, चंदन साह एवं अशोक भगत शामिल हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां वैष्णवी के दरबार में सच्चे मन से की गयी याचना कभी असफल नहीं जाती.

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By SANJEET KUMAR

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