लातेहार. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सुनील दत्त द्विवेदी की अदालत ने हत्या के सनसनीखेज मामले में चार आरोपियों मो रहमत आलम, मो अंजर आलम, मो आसिफ और मो नेसार आलम को हत्या और साक्ष्य छुपाने का दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. अपर जिला अभियोजन पदाधिकारी शिव शंकर राम के अनुसार, तीन फरवरी 2023 को बालूमाथ थाना क्षेत्र के मासियातू ग्राम में महिला व्यवसायी सुनीता देवी की उसके घर-दुकान में गला रेत कर और चाकू घोंपकर हत्या कर दी गयी थी. मृतका किराना और हार्डवेयर दुकान चलाती थी. घटना के दिन उसके पति प्रमोद प्रसाद गुप्ता और सहयोगी विष्णु कुमार यादव बबणहेरुआ हाट में सामग्री बेचने गये थे. रात 8:00 बजे लौटने पर उन्होंने लहूलुहान शव देखा और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने अनुसंधान के दौरान हत्या में प्रयुक्त चाकू और अन्य सामग्रियां बरामद की. घटनास्थल से मिले सुराग के आधार पर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और अपराध स्वीकारोक्ति के आधार पर हथियार बरामद किया गया. अभियोजन ने कुल 15 गवाहों को अदालत में पेश किया. अदालत ने सभी आरोपियों को भादवि की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और जुर्माना, तथा धारा 201 के तहत सात-सात वर्षों का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना न देने पर साधारण कारावास का प्रावधान भी लागू है. सभी आरोपी घटना के दिन से ही न्यायालय की नजर में कराधीन थे.
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