Kaimur News : बढ़ूपर विद्यालय में योगदान करने जा रही शिक्षिका की बाइक से गिरकर मौत

नुआंव. बीएससी की परीक्षा पास कर जैतपुरा गांव से मोहनिया प्रखंड के प्लस टू आदर्श विद्यालय बढ़ूपर में योगदान करने जा रही एक शिक्षिका की मोहनिया प्रखंड के कटराकला तीन

नुआंव. बीएससी की परीक्षा पास कर जैतपुरा गांव से मोहनिया प्रखंड के प्लस टू आदर्श विद्यालय बढ़ूपर में योगदान करने जा रही एक शिक्षिका की मोहनिया प्रखंड के कटराकला तीन मुहानी के समीप बाइक से गिरकर मौत हो गयी. मृतका का नाम अंजलि राय पिता कृष्णानंद राय है, जो गुरुवार की सुबह जैतपुरा गांव से अपने भाई आशुतोष राय के साथ बाइक पर बैठ मोहनिया के रास्ते बढ़ूपर विद्यालय में शिक्षिका के पद पर योगदान लेने जा रही थी, किंतु हाथ में लिया बैग सामने से आ रहे साइकिल के हैंडल में फंस जाने से अंजलि सड़क पर जा गिरी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आयी. वाराणसी इलाज के लिए ले जाने के दौरान मौत हो गयी. घटना की जानकारी देते हुए जैतपुरा गांव के पप्पू राय व हैप्पी राय ने बताया एक माह पूर्व बीपीएससी परीक्षा के आये रिजल्ट में अंजली का नाम आने के बाद पूरे परिवार में खुशी का ठिकाना परवान पर था. कड़ी मेहनत के दम पर बेटी ने जो शिक्षक के पद पर कामयाबी हासिल की इससे पूरे परिवार में खुशी थी. एक सप्ताह पहले बीते शुक्रवार को अंजलि बढ़ूपर विद्यालय में जाकर प्रिंसिपल से मिलते हुए गुरुवार को योगदान के लिए बोला था. गुरुवार की सुबह बाइक से वह विद्यालय के लिए निकली भी थी, किंतु कटराकला मोड़ के पास दुर्घटना में उनकी मौत हो गयी. # दुर्घटना के डेढ़ घंटे के अंदर वाराणसी पहुंचने के बाद भी नहीं बच पायी जान दुर्घटना की जानकारी देते हुए विमल राय उर्फ हैप्पी राय ने बताया दुर्घटना के बाद भाई आशुतोष के लाख प्रयास के बाद भी वह अपनी बहन की जान नहीं बचा सके. हादसे के बाद घटना स्थल से उसने मुझे 7:45 बजे फोन कर घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क हादसे के बाद बाइक को नहर चाट में छोड़ कर सड़क से गुजर रही एक स्कॉर्पियो को लेकर मैं वाराणसी चल रहा हूं, आप भी पहुंचीए. सबसे पहले आशुतोष घायल बहन को जिसके कान व मुंह से खून निकल रहे थे, उसे मोहनिया के एक प्राइवेट अस्पताल में व चिकित्सकों की सलाह के बाद स्कॉर्पियो से बिना वक्त गंवाये वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर के लिए निकले थे, लगभग दो घंटे में वाराणसी के बीएचयू पहुंचने के दौरान बहन ने रास्ते में ही भाई के हाथों में दम तोड़ दिया. इसके बाद शव का बीएचयू में पोस्टमार्टम कराया गया. इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद वाराणसी पहुंचे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. समाज में शिक्षा की ज्योत जलाने वाली बेटी शिक्षा के मंदिर में योगदान लेने के पहले ही दुनिया को अलविदा कह चली गयी. बहरहाल, शिक्षिका की मौत से परिजनों के साथ साथ प्रबुद्धजन भी काफी आहत हैं.

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