जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को खुद ईलाज की जरूरत, रोगियों को नहीं मिल रही बेहतर सुविधा

- एकमात्र एमबीबीएस चिकित्सक के भरोसे जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र- नहीं है कोई भी महिला चिकित्सक, स्वीकृत है सात चिकित्सकों का पदजमालपुर. नगर परिषद क्षेत्र और प्रखंड के विभिन्न पंचायत

– एकमात्र एमबीबीएस चिकित्सक के भरोसे जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र- नहीं है कोई भी महिला चिकित्सक, स्वीकृत है सात चिकित्सकों का पद

जमालपुर. नगर परिषद क्षेत्र और प्रखंड के विभिन्न पंचायत के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर पिछले कई वर्षों से खुद बीमार है. वर्तमान में एकमात्र एमबीबीएस चिकित्सक के भरोसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कामकाज चल रहा है. यहां कोई भी महिला चिकित्सक नहीं है. जबकि यहां सात चिकित्सकों का पद स्वीकृत है. परंतु हाल यह है कि स्वयं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भी बोचाही स्वास्थ्य केंद्र का चिकित्सक है.

लंबी अवधि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बना है चिकित्सक का टोटा

बताया जाता है कि काफी लंबे समय से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है. वर्तमान में डॉक्टर संजय कुमार सुमन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी है. परंतु उससे पहले डॉक्टर बलराम प्रसाद और डॉ. जगत प्रसाद के कार्यकाल के दौरान भी यहां चिकित्सकों की कमी बनी हुई थी. वर्तमान में यहां कुल मिलाकर तीन चिकित्सक कार्यरत हैं. जिनमें से एकमात्र चिकित्सक डॉ. कनवरलाल का यहां पदस्थापन है. जबकि वास्तव में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजय कुमार सुमन और डॉ अशोक पासवान अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोचाही में पदस्थापित है. परंतु यह दोनों डॉक्टर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं. इन्हीं तीन चिकित्सक के भरोसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी इमरजेंसी और दैनिक तीन शिफ्ट में काम लिया जाता है.

पुरुष चिकित्सक ही करते हैं महिला मरीज का इलाज एवं ऑपरेशन

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कई वर्षों से महिला चिकित्सक नहीं है. जिसके कारण यहां पुरुष चिकित्सक द्वारा ही महिला मरीज का इलाज एवं ऑपरेशन किया जाता है. बताया गया कि दो महीना के लिए एक महिला चिकित्सक डॉ गुलनाज की प्रतिनियुक्ति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई थी. परंतु फिर उन्हें सदर ब्लॉक मुंगेर भेज दिया गया. वर्तमान में यहां पुरुष चिकित्सक ही महिलाओं की बीमारी का इलाज करते हैं. जिसके कारण कई बार महिला मरीज झिझक के कारण अपनी समस्या चिकित्सक को नहीं बता पाते हैं और ऐसी स्थिति में उनकी परेशानी बनी रहती है. वर्तमान में यहां डॉक्टर अशोक पासवान महिलाओं का परिवार नियोजन का ऑपरेशन करते हैं. दूसरी तरफ विभिन्न सरकारी योजनाओं का कामकाज भी चिकित्सक के अभाव में प्रभावित होता है तो पीएचसी के क्षेत्राधिकार में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोचाही तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ीरामपुर के अतिरिक्त 16 उप स्वास्थ्य केंद्र भी आता है. चिकित्सा के अभाव में इन स्वास्थ्य केंद्र की सेवा भी प्रभावित होती है. क्योंकि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ी रामपुर में पदस्थापित चिकित्सक डॉ विजय एवं डॉ रवि विजय हायर स्टडी के लिए अवकाश पर चले गए हैं.

कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सुमन ने बताया कि पिछले कई वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी है. बावजूद भी मरीज को सभी प्रकार की सुविधा दी जा रही है. परंतु सरकारी योजनाओं के मॉनिटरिंग के लिए फील्ड वर्क प्रभावित होता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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