ग्राम प्रधानों को पेसा कानून की दी गयी जानकारी

प्रशिक्षण में ग्राम प्रधानों को पेसा कानून के महत्व, इसके प्रावधानों और ग्राम सभा की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गयी.

नारायणपुर. प्रखंड सभागार में गुरुवार को राजस्व ग्राम प्रधानों के लिए पेसा (पंचायतों के अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) कानून पर विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. इस अवसर पर बतौर प्रशिक्षक शोहराब अली मौजूद रहे. प्रशिक्षण में ग्राम प्रधानों को पेसा कानून के महत्व, इसके प्रावधानों और ग्राम सभा की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गयी. बताया कि पेसा कानून अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को विशेष अधिकार देता है, ताकि आदिवासी समाज अपनी परंपराओं, संसाधनों और स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को सुदृढ़ कर सके. प्रशिक्षक ने ग्राम प्रधानों को समझाया कि इस कानून के तहत ग्राम सभा खनिज संपदा, जल, जंगल और जमीन पर अधिकार रखती है तथा स्थानीय विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तय कर सकती है. शोहराब अली ने कहा कि ग्राम प्रधान अगर पेसा कानून की सही जानकारी रखेंगे तो वे ग्रामीणों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर पाएंगे. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना भूमि अधिग्रहण, विकास योजनाओं या संसाधनों के दोहन की अनुमति नहीं दी जा सकती. यह कानून लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करता है और ग्रामीण समाज को सशक्त बनाता है. इस अवसर पर उपस्थित ग्राम प्रधानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें ग्राम सभा की वास्तविक शक्तियों और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला. उन्होंने भविष्य में ग्राम पंचायत स्तर पर कानून का पालन सुनिश्चित करने का संकल्प भी लिया. कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए ग्राम प्रधान व पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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By JIYARAM MURMU

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