– एनडीआरएफ व ड्रोन टीम जुटी रेस्क्यू में – परिजनों की बढ़ी चिंता, तरह-तरह के लगाये जा रहे कयास त्रिवेणीगंज. गुड़िया पंचायत के बेलापट्टी वार्ड नंबर दो में मंगलवार की संध्या बड़ा हादसा हो गया. घास लेकर लौट रहे ग्रामीण जब बैंगा मिरचैया नदी नाव से पार कर रहे थे, तभी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई. नाव पर सवार 12 लोग डूब गये. इस हादसे में सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक महिला को नदी से बाहर निकालने के बाद अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गयी. चार महिलाएं अब भी लापता हैं. सूचना पर देर शाम एनडीआरएफ कमांडर इंस्पेक्टर गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 30 जवानों की टीम और 04 बोट घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया. बुधवार सुबह 11 बजे पटना बिहटा से एनडीआरएफ की विशेष ड्रोन टीम भी मौके पर पहुंची और ड्रोन कैमरे की मदद से नदी में लापता महिलाओं की तलाश कर रही है. लापता महिलाओं की पहचान छातापुर थाना क्षेत्र के डहरिया पंचायत चकला गांव वार्ड नंबर 02 निवासी मटर मुखिया की पुत्री काजल देवी (35), जोगो मुखिया की पत्नी सावित्री देवी (45), नरेश मुखिया की पत्नी मंजुला देवी (30) और बिरेश मुखिया की पत्नी ममता देवी (30) के रूप में हुई है. सभी एक ही परिवार से संबंधित हैं. बता दें कि इन्हीं में से काजल देवी की मां संजन देवी की मौत इसी हादसे में मंगलवार को हो चुकी थी. घटनास्थल पर भारी भीड़ जुटी है. परिजन बेसब्री से अपने लापता सदस्यों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में मातम का माहौल है. एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि मंगलवार रात अंधेरा होने और तकनीकी कारणों से रेस्क्यू अभियान संभव नहीं था, लेकिन बुधवार सुबह 06 बजे से एनडीआरएफ लगातार तलाशी अभियान चला रही है. ड्रोन कैमरे और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए जल्द लापता महिलाओं के शव बरामद किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है.
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