सवा घंटे तक चली मुठभेड़, पुलिस का अब अगला टारगेट ब्रजेश यादव

गुमला एसपी की रणनीति और पुलिस जवानों की बहादुरी से झारखंड पुलिस को मिली बड़ी सफलता

गुमला एसपी की रणनीति और पुलिस जवानों की बहादुरी से झारखंड पुलिस को मिली बड़ी सफलता

गुमला. गुमला ऑपरेशन स्पेशल ऑप्स में तीन हार्डकोर उग्रवादी ढेर हो गये. गुमला एसपी की रणनीति और पुलिस जवानों की बहादुरी ने झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता दिलायी. बिशुनपुर प्रखंड के केचकी रूगड़ीटोली गांव तक पहुंचने के लिए जंगली रास्ते व नदी-नाले पार करना पड़ते हैं. बारिश से जंगली रास्तों पर सफर करना खतरा है. यह पूरा इलाका दुर्गम भी है. इसके बावजूद गुमला पुलिस ने हिम्मत दिखायी और करीब 10 किमी पैदल चल केचकी रूगड़ीटोली गांव पहुंच कर जेजेएमपी के उग्रवादियों की घेराबंदी की, जिसमें पुलिस जवानों ने तीन उग्रवादियों छोटू उरांव, लालू लोहरा व सुजीत उरांव को मार गिराया. किस्मत अच्छी थी कि सुप्रीमो ब्रजेश यादव भाग गया. अगर इस मुठभेड़ में ब्रजेश यादव मारा जाता, तो इस क्षेत्र से जेजेएमपी खत्म हो जाता. ऐसे अब पुलिस का टारगेट ब्रजेश यादव है. पुलिस से पता चला है कि उग्रवादियों के घेरने व मुठभेड़ में मार गिराने की पुलिस ने मंगलवार की शाम को ही कहानी लिख दी थी. एसपी हरिश बिन जमां ने उग्रवादियों को घेरने की रणनीति बनायी. गुमला से पुलिस टीम घाघरा भेजी गयी, जिसमें क्यूआरटी व झारखंड जगुआर की टीम थी. उग्रवादियों से मुठभेड़ करने के लिए क्यूआरटी टीम में सात व झारखंड जगुआर के 26 जवानों को शामिल किया गया, जबकि अलग से बैकअप स्पोर्ट के लिए झारखंड जगुआर के दो ग्रुप बनाये गये. उग्रवादियों से लड़ने वाली 33 जवान घाघरा से पहाड़ तक गाड़ी से पहुंचे. इसके बाद केचकी रूगड़ीटोली जाने के लिए 10 किमी पैदल सफर किये. पुलिस टीम सुबह आठ बजे केचकी रूगड़ीटोली पहुंच गयी. उस समय एक घर में जेजेएमपी सुप्रीमो ब्रजेश यादव आराम कर रहा था. जबकि छोटू उरांव संतरी की ड्यूटी में था. छोटू उरांव ने दूर से ही पुलिस को आते देख लिया. उसने पुलिस को देखते अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जबकि लालू लोहरा व सुजीत उरांव घर से बाहर टहल रहे थे. वे लोग भी फायरिंग करने लगे. ब्रजेश यादव व एक अन्य उग्रवादी घर के अंदर से ही फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. 1.25 घंटे तक चले मुठभेड़ में पुलिस ने तीन उग्रवादियों को मार गिराया. परंतु ब्रजेश व एक अन्य उग्रवादी घर से निकल छिपते हुए जंगल की ओर भाग गये, जिससे दोनों की जान बच गयी.

लक्ष्य था मारना या पकड़ना

पुलिस जवानों के अनुसार वे लोग मंगलवार की रात नौ बजे केचकी रूगड़ीटोली के लिए निकले थे. बारिश भी हो रही थी. गांव तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई. परंतु उनका एक ही लक्ष्य था कि उग्रवादियों को मुठभेड़ में मारना या पकड़ना. इसलिए वे लोग रास्ते में बिना रुके आगे बढ़े और रातभर चलते हुए सुबह आठ बजे रूगड़ीटोली पहुंच गये. हालांकि पुलिस टीम अहले सुबह गांव के सीमा तक सट गयी थी. परंतु उस समय अंधेरा था. थोड़ा बादल भी था. इसलिए पुलिस टीम उजाला होने का इंतजार की. जैसे सूर्य की रोशनी गांव में पड़ी. पुलिस टीम गांव में घुस गयी और मुठभेड़ हुई.

गुमला में 2013 से अबतक मारे गये उग्रवादी

अप्रैल 2013 : चैनपुर प्रखंड के सिविल जंगल में मुठभेड़ में एरिया कमांडर रामचंद्र परहिया मारा गया था. साथी उसके शव को उठा कर ले गये थे.

13 मार्च 2015 : चैनपुर प्रखंड के सरगांव जंगल में मुठभेड़ में हार्डकोर नक्सली दीपक मारा गया था, जबकि कई नक्सली भाग निकले थे.

25 जुलाई 2015 : चैनपुर के डीपाटोली गांव में मुठभेड़ में माओवादी के रीजनल कमेटी सदस्य सिलवेस्टर मारा गया था, जबकि एरिया कमांडर दिलबर नायक पकड़ाया था.

23 फरवरी 2016 : पालकोट प्रखंड के कांदेबेड़ा में मुठभेड़ में 10 लाख रुपये का इनामी शीर्ष नेता संजय यादव उर्फ यतीन मारा गया था.

11 सितंबर 2016 : पालकोट के बोराडीह में 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली सैक सदस्य आशीष यादव उर्फ आशीष दा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था.

दो फरवरी 2018 : मुठभेड़ में गुमला का एरिया कमांडर दो लाख रुपये का इनामी नक्सली घाघरा के सलगी गांव निवासी बीरबल उरांव मारा गया था.

31 मई 2021 : मरवा जंगल में पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था. वहीं हथियार भी मिले थे.

15 जुलाई 2021 : कोचागानी जंगल में छिप कर बैठे 15 लाख का इनामी बुद्धेश्वर उरांव तक सुरक्षा बल पहुंच गये और मुठभेड़ में मार गिराया था.

एक जून 2023 : आंजन व मरवा रास्ते पर जंगल के समीप मुठभेड़ में तीन लाख का इनामी तुंजो गांव निवासी राजेश उरांव को गुमला पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था.

दो जून 2023 : चैनपुर के टोंगो जंगल में पुलिस ने छह लाख के इनामी कमांडर लजीम अंसारी को मुठभेड़ में मार गिराया था.

26 जुलाई 2025 : घाघरा के लावादाग में जेजेएमपी के तीन हार्डकोर उग्रवादी मारे गये थे, जिनमें सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा, समुंद्र लोहरा व सुशील मुंडा थे. जबकि दो उग्रवादी घने जंगल का फायदा उठा कर भागने में सफल रहे थे.

छह अगस्त 2025 : कामडारा में पुलिस ने पीएलएफआइ के सुप्रीमो कुख्यात उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा को मुठभेड़ में मार गिराया था. उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >