दो घंटे तक पड़ा रहा शव, हंगामे पर दिया एंबुलेंस

सदर अस्पताल का मामला, दो शवों को पहुंचाने के लिए दिया एक एंबुलेंस अस्पताल प्रबंधक से की गयी शिकायत, बारी-बारी से घर पहुंचाये गये शव वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरसदर अस्पताल में

सदर अस्पताल का मामला, दो शवों को पहुंचाने के लिए दिया एक एंबुलेंस

अस्पताल प्रबंधक से की गयी शिकायत, बारी-बारी से घर पहुंचाये गये शव

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

सदर अस्पताल में दो घंटे तक शव पड़ा रहा और जब मृतक के परिजनों ने हंगामा किया तब जाकर उन्हें एंबुलेंस दिया गया. रविवार को दो परिवारों को उनके स्वजन का शव घर ले जाने के लिए खासी परेशानी झेलनी पड़ी. इसके लिए दोनों को दो घंटे तक भटकना पड़ा. इसके बाद भी जब एंबुलेंस नहीं दिया गया ताे उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. इस पर अस्पताल प्रशासक ने एंबुलेंस उपलब्ध कराया. एक एंबुलेंस से दोनों शवों को बारी-बारी से घर पहुंचाया गया.

इलाज के दौरान हुई मौत

मथुरापुर पताही के रहनेवाले गुड्डु राम को इमरजेंसी में लाया गया था. तीन घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गयी. परिजनों ने जब एंबुलेंस मांगा तब स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि उपलब्ध नहीं है. निजी एंबुलेंस को बुला लें. इसके बाद परिजन वरीय अधिकारी को फोन लगाये. लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ. परिजन एंबुलेंस के लिए 102 पर कॉल किऐ. लेकिन वहां से भी जवाब नहीं मिला.

पहले 102 पर कॉल कीजिये

इसी बीच वार्ड में भर्ती कोल्हुआ पैगबंरपुर की सुनैना देवी की भी मौत हो गयी. उनके परिजन भी एंबुलेंस के लिए भटक रहे थे. इमरजेंसी के पास खड़े चालक से कहा गया तो उसने कहा कि पहले 102 पर कॉल करें. फिर जवाब आने पर वह जायेंगे. इस दरम्यान करीब दो घंटे बीत चुके थे.

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Published by: Kumar dipu

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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