दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की उठी मांग

साहिबगंज. पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर भवन में शुक्रवार को इस्टर्न झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले झामुमो के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की श्रद्धांजलि सभा आयोजित

साहिबगंज. पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर भवन में शुक्रवार को इस्टर्न झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले झामुमो के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी, जहां बोरियो विधायक धनंजय सोरेन, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, डीसी हेमंत सती, एसपी अमित कुमार सिंह, केंद्रीय प्रवक्ता सह केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा, जिप अध्यक्ष मोनिका किस्कू, सांसद प्रतिनिधि संजीव सामू हेंब्रम, राजमहल विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद मारूफ गुड्डू, विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ कुलाधिपति डॉ रामजन्म मिश्रा, चैंबर अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सचिव अंकित केजरीवाल, प्रोफेसर कमल महावर, भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष उज्ज्वल मंडल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष बरकत खान, झामुमो जिला अध्यक्ष अरुण सिंह, युवा जिला अध्यक्ष संजय गोस्वामी, पाकुड के अध्यक्ष सहित विभिन्न पार्टियों के नेता व शहर के सैकडों लोग पहुंचे. लोगों ने गुरुजी शिबू सोरेन जी के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. उनके मार्गदर्शन पर चलने का संकल्प लिया. दो मिनट का मौन धारण संवेदना जतायी. मंच संचालन भगवती पांडेय ने किया. मौके पर झामुमो के अमर यादव, अनुकूल मिश्रा, नजरूल इस्लाम, डॉ सुमित कुमार, बोदी सिन्हा, डॉ सच्चिदानंद मिश्रा, अनवर अली, बास्कीनाथ यादव, सुरेंद्र यादव, सुनील भरतिया, नवीन भगत, रंजीत सिंह, संजय दीवान, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पीएन तिवारी, सचिव विजय कर्ण, सुबोध झा, नप प्रशासक अभिषेक सिंह, नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, अफताब आलम, शुभम तिवारी, सोने लाल आदि मौजूद थे. गुरुजी से हमारा नाता 1988 से : पंकज मिश्रा केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने कहा कि हमारे पास उनके लिए बोलने के लिए शब्द नहीं है. गुरु जी से हमारा नाता वर्ष 1988 से है. जब मैं पार्टी में शुरुआती दौर से जुड़ा था. उस दौरान भी मुझे उनके साथ काम करने का अनुभव मिला. गुरुजी हमारे पूजनीय अभिभावक रहे हैं. उनसे हम लोगों ने अपने जीवन में सब कुछ सीखा है. उन्होंने कहा की जन्म हमारे माता-पिता ने दिए. हमारी शिक्षा हमारे गुरु के द्वारा प्राप्त हुई है. परंतु इसके बाद मैं जिंदगी में जो कुछ भी सीखा है निश्चित रूप से वह माननीय गुरु जी की देन है. उन्होंने महाजनी प्रथा का विरोध किया : हेमलाल लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा प्रकृति की गोद में बसे छोटे से गांव रामगढ़ के नेमरा में जन्म लिए यह महापुरुष व जननायक बचपन से ही क्रांतिकारी थे. उनका उद्देश्य गरीबों पिछड़ों और बेसहारों को न्याय दिलाना था. जल, जंगल व जमीन के लिए उन्होंने हमेशा संघर्ष किया. छोटी से उम्र में पिता का साया खो जाने के बाद उन्होंने खुद से सब कुछ संभाल है. कहा कि सबसे पहले उन्होंने महाजनी प्रथा का विरोध किया. उस दौरान गरीब तबके के लोग महाजन के बड़े कर्ज के नीचे दब रहे थे. गुरुजी के आंदोलन के कारण ही राज्य को मिली पहचान : डीसी डीसी हेमंत सती ने कहा कि मैं ईस्टर्न झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों को इस बात का धन्यवाद देना चाहता हूं कि साहिबगंज की धरती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है. गुरुजी निश्चित रूप से झारखंड के जननायक रहे हैं. उनके योगदान और आंदोलन के कारण ही झारखंड को एक नया नाम मिल पाया है. उन्होंने हमेशा नशा के खिलाफ लोगों को जागरूकता फैलाने की कोशिश की है. लोगों को नशे से बचने का हमेशा उन्होंने संदेश दिया है. गुरु जी गरीबों व पिछड़ों की आवाज थे : एसपी एसपी अमित कुमार सिंह ने कहा कि आज हम सब इकट्ठे हुए हैं कि झारखंड के महान नेता और जननायक आदरणीय शिबू सोरेन जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए. गुरु जी सिर्फ झारखंड के नेता ही नहीं बल्कि गरीब लोगों की आवाज थे. उनकी प्रेरणा और योगदान सदैव हमारे लिए मार्गदर्शन बना रहेगा. झारखंड का आदिवासी समाज पिछड़ा वर्ग एवं आम जनता के विकास के लिए उन्होंने हमेशा आवाज उठाया है. इन सभी के लिए हमेशा संघर्ष किया है. झारखंड की स्थापना में उनका स्थान ऐतिहासिक रहेगा. गुरु जी ने आदिवासी समाज को किया जागरूक : धनजंय बोरियो विधायक धनजंय सोरेन ने कहा कि गुरुजी ने प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और झारखंड के आदिवासी समाज को संगठित करने के लिए कदम उठाये. उन्होंने आदिवासी समाज को जागरूक किया. उनके अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रेरित किया. 1972 में उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया. झारखंड के आदिवासी समाज के अधिकारों और झारखंड राज्य की स्थापना के लिए संघर्ष करने वाला प्रमुख मंच बना. गरुजी ने झारखंड को एक अलग राज्य का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष किया. शिबू सोरेन को भारत रत्न मिले : बरकत कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बरकत खान ने कहा कि शिबू सोरेन किसी का पैर पीछे नहीं खींची. उनका कहना था झारखंड के लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए मैं अपना जीवन समर्पित कर दूंगा. उन्होंने झारखंड के आदिवासी समाज को राजनीतिक और सामाजिक पहचान दिलाने के लिए काम किया. उनका जीवन कमजोर वर्ग और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित था. शिबू सोरेन को भारत रत्न मिले. गुरुजी ने कमजोर वर्ग को बनाया सशक्त : अरुण झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि शिबू सोरेन जी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चे सच्चा नेतृत्व क्या होता है. समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है, उनका संघर्ष उनकी सेवा और उनका समर्पण हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा. हमारे राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ऊर्जावान एवं सक्रिय हैं. हम उनका आभार प्रकट करते हैं. आश्वासन देते हैं कि हम लोग उनके साथ खड़े हैं और हमेशा उनके कदम से कदम मिलाकर चलेंगे. गुरुजी ने किया था महाजनी प्रथा का विरोध : बजरंगी भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव ने कहा कि झारखंड के महाजन प्रथा हो या झारखंड राज्य अलग करने की बात हो हमेशा गुरुजी इसके लिए संघर्ष करते रहे हैं. इस कारण हमारे श्रद्धेय अटल जी के शासनकाल में राज्य की स्थापना हुआ. इनकी संघर्षों का तोहफा मिला. हम सब को झारखंड राज्य अलग हुआ. गुरुजी ने शुरुआती दौर में महाजनी प्रथा का विरोध किया. समृद्ध राज्य बना कर दी जायेगी सच्ची श्रद्धांजलि : राजेश चैंबर अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज जब हम उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आए हैं, तो हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि उनके दिखाए गए रास्ते पर चलें. झारखंड को सशक्त व समृद्ध राज्य बनाने का उनका सपना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी. दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी आप हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे. आपका संघर्ष, आपकी सेवा और आपका समर्पण हमें प्रेरित करता रहेगा.

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By ABDHESH SINGH

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