धनबाद, नये वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. अप्रैल माह में कंपनी उत्पादन और डिस्पैच दोनों ही मोर्चों पर निर्धारित लक्ष्यों से पीछे रह गयी. कोल इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल माह में कंपनी ने 56.06 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया है, जबकि लक्ष्य 61.48 मिलियन टन तय किया गया था. वहीं कोयला डिस्पैच 62.79 मिलियन टन रहा. जो कि 71.74 मिलियन टन के लक्ष्य से काफी कम है. सूचना के मुताबिक कोल इंडिया की एक भी सहायक कंपनी अपने लक्ष्य के मुताबिक कोयला उत्पादन नहीं कर सकी है. झारखंड में स्थित बीसीसीएल, इसीएल व सीसीएल का प्रदर्शन खास तौर पर कमजोर रहा. बीसीसीएल ने 2.86 मिलियन टन के लक्ष्य के मुकाबले 1.99 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया, जो लक्ष्य से काफी कम है. इसी तरह इसीएल ने 3.96 मिलियन टन के लक्ष्य के मुकाबले 3.62 मिलियन टन व सीसीएल 6.46 मिलियन टन के लक्ष्य से थोड़ा पीछे रहकर 6.02 मिलियन टन कोयले का उत्पादन सुनिश्चित किया है. हालांकि कुछ अन्य कंपनियों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया. एमसीएल ने लगभग लक्ष्य के अनुरूप 13.78 मिलियन टन उत्पादन किया, जबकि एसइसीएल ने 15.31 मिलियन टन उत्पादन कर लक्ष्य के करीब पहुंचने की कोशिश की है. कुल मिलाकर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही लक्ष्य से पिछड़ना कंपनी के लिए चिंता का विषय है, खासकर तब जब ऊर्जा क्षेत्र में कोयले की मांग लगातार बनी हुई है.
Dhanbad News: अप्रैल माह में उत्पादन-डिस्पैच लक्ष्य से पिछड़ी कोल इंडिया, 56.06 मिलियन उत्पादन
धनबाद, नये वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. अप्रैल माह में कंपनी उत्पादन और
