अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि वह छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े. संघ के प्रचारक बनकर उन्होंने संपूर्ण जीवन अविवाहित रहकर संगठन को समर्पित किया. उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए कठोर परिश्रम किया और जनसंघ को गांव-गांव तक पहुंचाया. उन्होंने एकात्म मानववाद का सिद्धांत दिया, जो भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन पर आधारित था. उनकी विचारधारा के केंद्र में मानव कल्याण, ग्राम विकास, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की भावना रही. वे पश्चिमी भौतिकवादी और साम्यवादी विचारधारा के आलोचक थे. उनकी सरलता, ईमानदारी और त्यागमय जीवन राजनीति में आदर्श बन गया. उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से भी राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार किया.
कार्यकर्ता उनके विचारों को आत्मसात करें : डॉ मंजू कुमारी
विधायक डॉ मंजू कुमारी ने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का सिद्धांत दिया. यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन-दर्शन पर आधारित विकास का मार्ग है. इसका मुख्य उद्देश्य मानव कल्याण और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास है. प्रभारी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सत्येंद्र सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीति के एक प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, संगठनकर्ता और जनसंघ के प्रमुख नेता थे. उनका संपूर्ण जीवन समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा. भाजपा जिलाध्यक्ष महादेव दुबे ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद का दर्शन प्रेरणा श्रोत है. यह भारतीय जीवन-दृष्टि पर आधारित ऐसा विचार है जो मानव, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की बात करता है. मौके जिला महामंत्री महेंद्र वर्मा, कामेश्वर पासवान, गीता हाजरा, बीरेंद्र तिवारी, राजेंद्र राय, प्रदीप सिंह, अजय तिवारी, अजय राय, सुमन सिन्हा, सुधीर वर्मा, दशरथ वर्मा, अशोक सिंह, परमेश्वर यादव समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
