जहानाबाद नगर. जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित अस्पतालों में भी मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिले, इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को सुदृढ़ किया गया था. मिशन बुनियाद के तहत जिले के 79 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया गया था. इसके बाद भी मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है. मरीज को छोटे-छोटे मर्ज के इलाज के लिए भी जिला अस्पताल आना पड़ रहा है. यही कारण है कि सदर अस्पताल में न दिनोंदिन मरीजों की संख्या में इजाफा होती जा रही है. जिले में 111 एचडब्ल्यूसी है. सदर अस्पताल में बुनियादी सेवाओं की बहाली व आधारभूत संरचना के विकास को लेकर चलाये गये मिशन 60 के तर्ज पर जिले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की बेहतरी के लिए विभाग द्वारा मिशन बुनियाद चलाया गया था. इसके तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आम नागरिकों को उपलब्ध करायी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना उद्देश्य था. मिशन बुनियाद के तहत एचडब्ल्यूसी पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाते हुए अस्पताल भवनों को सुंदर बनाने, साफ-सफाई का बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने, आवश्यकता अनुरूप सभी उपकरणों की उपलब्धता, दवा, चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया था. इसके बाद भी जिलावासियों को इसका समुचित लाभनहीं मिल पा रहा है. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बेहतर इलाज नहीं होने के कारण उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है. वहीं एचडब्ल्यूसी में ओपीडी का संचालन होने के बाद सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में कमी आने की संभावना जताई जा रही थी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण ग्रामीण इलाकों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज अपने मर्ज का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. वर्तमान में सदर अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी में 600-700 मरीजों का इलाज होता है. ऐसे में चिकित्सक मरीज को अधिक समय नहीं दे पाते, जिससे कई बार उनका बेहतर इलाज नहीं हो पाता है. एचडब्ल्यूसी में हैं मात्र 16 चिकित्सक : जिले के मात्र 16 एचडब्ल्यूसी में चिकित्सक तैनात हैं. जबकि 30 एचडब्ल्यूसी में सीएचओ काम करते हैं जिन्हें सप्ताह में चार दिन एचडब्ल्यूसी में काम करना होता है. जबकि दो दिन एडिशनल सेंटर पर काम करना होता है. वहीं 20 एचडब्ल्यूसी में स्टाफ नर्स कार्यरत हैं. ऐसे में बिना चिकित्सक के संचालित ली एचडब्ल्यूसी में मरीजों का इलाज मा भगवान भरोसे ही होता है. यही कारण जा है कि ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज छोटे-छोटे मर्ज के इलाज के दिन लिए जिला अस्पताल की दौड़ लगाते रहते हैं. ऐसे में मरीजों की भारी भीड़ के कारण चिकित्सक मरीजों को बहुत समय नहीं दे पाते जिससे उनका बेहतर इलाज नहीं हो पाता है.
एचडब्ल्यूसी में संचालित होना था सामान्य ओपीडी : एचडब्ल्यूसी में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मरीजों का इलाज सुनिश्चित होना था. इन अस्पतालों में सामान्य ओपीडी की तरह सुबह 9 से शाम 4 बजे तक रोगियों का इलाज किया जाना था. एचडब्ल्यूसी में बिजली, शौचालय, सफाई व दवाई को व्यवस्थित किया गया था. बेहतर इलाज, अधिक दवाएं व रोगियों को मिलने वाली सुविधाओं पर फोकस किया गया था. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में गर्भावस्था एवं प्रजजन सेवाएं, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, सामान्य देखभाल सेवाएं, बाल्यावस्था एवं किशोर स्वास्थ्य सामान्य देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक एवं सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुसार संचारी रोगों का प्रबंधन, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग एवं सामान्य प्रबंधन, नेत्र एवं इएनटी से संबंधित सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं, दंत देखभाल से संबंधित सामान्य सेवाएं, सामान्य आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य बीमारियों की स्क्रीनिंग एवं सामान्य प्रबंधन उपलब्ध कराना उद्देश्य था.
क्या कहते हैं अधिकारी
मरीज को इलाज के लिए जिला अस्पताल तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. उन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ही इलाज की सभी सुविधाएं मिले यह सुनिश्चित कराया जायेगा.
सुनील कुमार, डीपीसी, एचडब्ल्यूसीडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
