झाझा . शिक्षा का अर्थ चरित्र का सर्वांगीण विकास होता है. छात्र ही देश की दिशा और दिशा बदल सकते हैं. उक्त बातें गुरुवार को देवसुंदरी महाविद्यालय सभागार में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो डॉ अजफर शम्शी ने प्लास्टिक उन्मूलन विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कही. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि समाज को बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं तथा प्लास्टिक के प्रयोग से हो रही हानियों को समाज को जागरूक करें. उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री या उपाधि प्राप्त करना नहीं है. बल्कि अपने चरित्र का सर्वांगीण विकास आवश्यक है. डॉ शम्शी कहा कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा की शुद्धता ही सही शिक्षा है. इस संबंध में केंद्र और बिहार की सरकार नई शिक्षा नीति के माध्यम से छात्रों को अवगत करा रही है. मौके पर मौजूद डॉ राकेश पासवान, डॉ खुशबू कुमारी, डॉ इना बहन, डॉ जीपी ठाकुर, प्रो बीएन सुभाष, डॉ शाहिद अख्तर अंसारी आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए. मौके पर कार्यालय प्रधान संजय चौधरी, प्रिंसी कुमारी, प्रेरणा कुमारी, अमन कुमार, अभिषेक कुमार समेत कई लोग मौजूद थे.
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