Giridih News :पड़रिया में एक दलित परिवार 37 वर्षों से कर रहा पूजा

Giridih News :बिरनी प्रखंड मुख्यालय से महज चार किमी दूर पड़रिया गांव में एक दलित परिवार 37 वर्षो से मां दुर्गे की प्रतिमा स्थापित कर मां की पूजा कर रहा है.

परिवार के सदस्य रामचंद्र दास व उनके भाई पन्ना दास ने बताया कि वर्ष 1986 में पड़रिया गांव में विपदा आयी थी. कई घरों में प्राकृतिक विपदा से बचने के लिए मां दुर्गा के पूजन को लेकर कलश स्थापना की गयी थी. ग्रामीणों ने उनके घर में भी कलश को स्थापित करवाया गया था. पूजा के बाद के बाद कलश का विसर्जन किया गया. इसके बाद मेरे घर में कई तरह की घटनाएं घटने लगीं. कई ब्राह्मणों से जानकारी लेने पर मेरे पिताजी स्व अनूप दास को मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने को कहा गया.

1988 में शुरू हुई थी

पूजा

ब्राह्मणों के कहने पर वर्ष 1988 से उनके पिता बांस व प्लास्टिक से तंबू बनाकर सर्वप्रथम मां दुर्गा की प्रतिमा बनवायी और पूजा शुरू की. इसके बाद मिट्टी की दीवार व खपड़ैल मकान बनाकर पूजा की जाने लगी. धीरे-धीरे ख्याति बढ़ती गयी. मां के प्रति लोगों में श्रद्धा और विश्वास बढ़ता गया. ग्रामीण जुड़ते चले गये. लोगों के सहयोग से यहां मंदिर का निर्माण कराया गया. कहा कि अष्टमी से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगनी यहां शुरू हो जाती है. नवमी में पहले मंदिर और उसके बाद पूरे गांव मे बकरे की बलि दी जाती है. कहा कि सबसे पहले नावागढ़ के दिवाकर पांडेय, फकीरा पहरी के भोला पांडेय और लोहरा नावाडीह के सुखदेव पांडेय के द्वारा मां की नौ दिवसीय पूजा की जाती है. बताया कि तीन-चार साल से ग्रामीण भी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग कर रहे हैं. इस कारण यहां भव्य रूप से मेले का आयोजन भी किया जा रहा है.

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Author: PRADEEP KUMAR

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