और आ गया ‘दुनिया का पहला डेंगू रोधी टीका’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया की करीब 40% आबादी (3.9 अरब लोग) को डेंगू होने का खतरा है. तेज़ी से बढ़ती इस महामारी की रोकथाम के लिए वैज्ञानिकों ने अपनी लम्बे अरसे से चली आ रही खोज से एक टीका ईजाद किया है जो डेंगू का इलाज करने की क्षमता रखता है. गौरतलब […]

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया की करीब 40% आबादी (3.9 अरब लोग) को डेंगू होने का खतरा है. तेज़ी से बढ़ती इस महामारी की रोकथाम के लिए वैज्ञानिकों ने अपनी लम्बे अरसे से चली आ रही खोज से एक टीका ईजाद किया है जो डेंगू का इलाज करने की क्षमता रखता है.

गौरतलब है कि डेंगू मच्छर जनित वायरस से प्रतिवर्ष 128 से अधिक देशों के लगभग 40 करोड़ लोग संक्रमित होते हैं. मैक्सिको में पिछले साल डेंगू के कुल 32,100 मामले दर्ज किए गए, जिनमें गंभीर लक्षणों वाले डेंगू के 8,668 मामले रहे. इसके इलाज पर देश में 3.2 अरब पेसो (18.7 करोड़ डॉलर) खर्च हो चुके हैं.

इस बीमारी से लड़ने के लिए लम्बे समय से चल रही अपनी खोज के बाद, मैक्सिको ने दुनिया का पहला डेंगू रोधी टीका बनाया. अब इसे बाजार में उतारा जा रहा है. यह टीका सामान्य डेंगू के खिलाफ 60.5% और गंभीर लक्षणों वाले डेंगू के खिलाफ 93.2% तक प्रभावी है.

मैक्सिको के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह दुनिया का पहला मान्यता प्राप्त डेंगू रोधी टीका है. इसे दो साल तक मैक्सिको के लोगों सहित दुनियाभर के 40,000 से अधिक मरीजों पर परीक्षण के बाद मंजूरी दी गई.

बताया जा रहा है कि इस टीके का इस्तेमाल करने से डेंगू पीड़ित 8,000 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती होने से बचाया जा सकता है और सालाना 104 लोगों की जान बचाई जा सकती है. साथ ही प्रति वर्ष चिकित्सा पर होने वाले 1.1 अरब पेसो (6.4 करोड़ डॉलर) के खर्च को भी बचाया जा सकता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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