अब बिना इंजेक्शन भी ले सकेंगे इंसुलिन

डायबिटीज में खुद की सही तरीके से देखभाल करना एक बड़ी चुनौती होती है. इस रोग में ग्लूकोज टेस्ट करने की भी जरूरत पड़ती है, ताकि शरीर में ग्लूकोज लेवल की सही जानकारी रह सके और उसके अनुसार सावधानियां बरतीजा सकें. इस टेस्ट के लिए बार-बार ब्लड लेने की भी जरूरत पड़ती है. इसके अलावा […]

डायबिटीज में खुद की सही तरीके से देखभाल करना एक बड़ी चुनौती होती है. इस रोग में ग्लूकोज टेस्ट करने की भी जरूरत पड़ती है, ताकि शरीर में ग्लूकोज लेवल की सही जानकारी रह सके और उसके अनुसार सावधानियां बरतीजा सकें. इस टेस्ट के लिए बार-बार ब्लड लेने की भी जरूरत पड़ती है. इसके अलावा बार-बार इंसुलिन लेने की भी जरूरत पड़ती है.
इन सब के लिए निड्ल का इस्तेमाल करना पड़ता है. इससे इन्फेक्शन का खतरा रहता है. फिलाडेल्फिया की कंपनी एको थेरेप्यूटिक्स ने ऐसी तकनीक बनायी है कि निड्ल का काम अब एक छोटा-सा पैच कर देगा. कंपनी ट्रांसडर्मल बायो सेंसर पर कार्य कर रही है. यह बिना ब्लड निकाले त्वचा की सतह से ग्लूकोज लेवल का पता लगा सकता है और ड्रग (इंसुलिन) डिलिवरी भी कर सकता है.
यह डिवाइस दिखने में टूथब्रश की तरह है. इसे त्वचा पर लगाने से त्वचा की ऊपरी सतह की कोशिकाओं से ग्लूकोज का पता लगा लेगा. यह हर मिनट में एक रीडिंग लेकर वायरलेस टेक्नोलॉजी की सहायता से मॉनीटर को भेज देता है. मॉनीटर में अलार्म सेट किया हुआ है. जब भी ग्लूकोज लेवल हाइ होता है यह अलार्म खतरे का सिगनल दे देता है. इस डिवाइस मेजर सजर्री करानेवालों के लिए अधिक फायदेमंद है. ऐसे मरीजों में ग्लूकोज लेवल का एक बढ़ना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में यह मशीन काफी उपयोगी है.

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