जानें दादी-नानी के घरेलू नुस्‍खों के बारे में

अगर ठंड से शिशु को बलगम आ रहा हो, तो हल्की भाप दे सकते हैं. शिशु के तलवों में तिल या सरसों के तेल से मालिश करने से तुरंत आराम पहुंचेगा. प्रदूषण के कारण गले में धूल कण जमा हो जाते हैं और गले की परेशानी होती है. ऐसे में रोज खाने के बाद गुड़ […]

अगर ठंड से शिशु को बलगम आ रहा हो, तो हल्की भाप दे सकते हैं. शिशु के तलवों में तिल या सरसों के तेल से मालिश करने से तुरंत आराम पहुंचेगा.

प्रदूषण के कारण गले में धूल कण जमा हो जाते हैं और गले की परेशानी होती है. ऐसे में रोज खाने के बाद गुड़ खाएं. चाहें तो मुलेठी भी चबा सकते हैं.

मसूड़ों में सूजन या दर्द हो, तो गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिला कर उस पानी को कुछ देर मुंह में रखें और कुल्ला कर लें. नमक का पानी इन्फेक्शन से बचाता है. सूजन खत्म करता है.

लहसुन की एक कली को पीस लें और इस पेस्ट को मसूड़े या दांत पर लगाएं. यह मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करता है. यह दर्दनिवारक भी है.

गले में संक्रमण होने पर नमक मिले गुनगुने पानी से गरारा करना बेहद फायदेमंद है.

अगर बोलने के साथ गले में दर्द हो, तो दो-तीन बार मुलैठी चबाएं. यह थोड़ा कड़वा लगेगा, मगर फेंके नहीं, बल्कि इसका रस चूसें. गले को राहत होगी.

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