घाव के लिए डबल साइडेड टेप

आमतौर पर सर्जरी के बाद घाव और कट्स को सिलने के लिए टांकों का उपयोग किया जाता है, लेकिन कई बार इसके कारण शरीर के अंदर के नाजुक बायोलॉजिकल टिश्यूज को नुकसान पहुंचता है और टिश्यूज या तो पक जाते हैं या कोई और समस्या हो जाती है. इसे ध्यान में रखते हुए एमआइटी के […]

आमतौर पर सर्जरी के बाद घाव और कट्स को सिलने के लिए टांकों का उपयोग किया जाता है, लेकिन कई बार इसके कारण शरीर के अंदर के नाजुक बायोलॉजिकल टिश्यूज को नुकसान पहुंचता है और टिश्यूज या तो पक जाते हैं या कोई और समस्या हो जाती है. इसे ध्यान में रखते हुए एमआइटी के साइंटिस्ट्स ने एक नयी तकनीक डेवलप की है.
इस तकनीक के तहत सर्जरी के लिए डेवलप किया गया टेप कई छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर स्किन की दोनों सतहों के बीच इस तरह फिक्स कर दिया जायेगा कि कट वाले स्पेस में दोनों तरफ की स्किन सही तरीके से जुड़ सके. इस दौरान स्किन की इन दोनों सरफेस को टेप की मदद से एक साथ दबा दिया जायेगा, जब तक कि हीलिंग प्रॉसेस पूरी नहीं हो जाती. उम्मीद की जा रही है कि यह बेहतर रिजल्ट देनेवाला साबित होगा.

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