मलेरिया से 30% बढ़ जाता है हार्ट फेलियर का खतरा

11 साल के अध्ययन में इस संक्रमण से हार्ट फेल के 69 मामले सामने आये, जो सामान्य से अधिक हैं पेरिस : एक नये शोध में बताया गया है कि मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेल होने की आशंका 30% तक बढ़ जाती है. डब्ल्यूएचओ के 2018 के आंकड़ों के अनुसार, मलेरिया संक्रमण से हर […]

11 साल के अध्ययन में इस संक्रमण से हार्ट फेल के 69 मामले सामने आये, जो सामान्य से अधिक हैं
पेरिस : एक नये शोध में बताया गया है कि मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेल होने की आशंका 30% तक बढ़ जाती है. डब्ल्यूएचओ के 2018 के आंकड़ों के अनुसार, मलेरिया संक्रमण से हर साल दुनियाभर में 21.9 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित होते हैं. डेनमार्क के हार्लेव जेनटोफ्ट यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के रिसर्च फेलो फिलिप ब्रेनिन ने बताया कि हमने मलेरिया के मामलों में वृद्धि देखी है, जो कि पेचीदा है.
इन मामलों में हृदय रोग से संबंधित समस्याओं में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हालांकि, हमने मलेरिया को कम करने के लिए उपाय किये हैं. फिर यह चुनौती बनी हुई है. शोधकर्ताओं ने जनवरी 1994 से जनवरी 2017 के बीच मलेरिया संक्रमण वाले रोगियों की पहचान की.
इस अध्ययन में रोगियों की औसत आयु 34 थी, जिनमें 58% पुरुष थे. इस दौरान लगभग चार हजार मलेरिया मामलों की पहचान की गयी.
इसमें गंभीर मलेरिया के लिए जिम्मेदार 40 फीसदी प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम शामिल रहा, जो एक परजीवी मच्छर के काटने से फैलता है. रोगियों पर 11 साल तक किये गये अध्ययन के बाद हार्ट फेल के 69 मामले सामने आये, जो सामान्य आबादी की तुलना में अधिक है. इसके अलावा हार्ट संबंधी बीमारियों से कुल 68 मौत के मामले देखने को मिले, जो सामान्य सीमा के अंदर ही माना जाता है.
मलेरिया ब्लड प्रेशर की प्रणाली को प्रभावित करता है
ब्रेनिन ने कहा कि इन रोगियों में दिल से संबंधित बीमारियों की 30 फीसदी वृद्धि की संभावना पायी गयी. निष्कर्षों को ज्यादा मान्य बनाने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता होगी, लेकिन हाल के अध्ययनों में पाया गया है कि मलेरिया मायोकार्डियम (मांसपेशियों का टिश्यू) में जरूरी परिवर्तनों का कारण बन सकता है.
प्रायोगिक अध्ययनों से यह भी पता चला है कि हाइ ब्लड प्रेशर के कारण मलेरिया ब्लड प्रेशर की प्रणाली को प्रभावित कर सकता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है. इसके अलावा मलेरिया हृदय में सूजन पैदा करने वाली वाहिकाओं को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे फाइब्रोसिस और इसके बाद हार्ट अटैक हो सकता है.
वर्ष 2000 2018 मामले 23 लाख 3.90 लाख मौत 932 85
भारत में मलेरिया के मामलों में आयी 80% गिरावट
यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (इएससी) के अनुसार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा और कोरोनरी धमनी रोग हार्ट अटैक होने के प्रमुख कारण हैं. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, मलेरिया होने की संभावना वाले प्रमुख देशों में शुमार भारत ने इससे निबटने में पर्याप्त सफलता पायी है. मलेरिया के मामलों में 80 फीसदी और इससे मौतों में 90 फीसदी की गिरावट आयी है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >