जुड़वा बच्चों को थी सांस लेने और बोलने में तकलीफ, होंठ और नाक की सर्जरी से मिली नयी जिंदगी

नयी दिल्ली : दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने नौ वर्षीय एक यमनी बच्चे की उपास्थि और वसा का इस्तेमाल कर उसके और उसके जुड़वा भाई के विदीर्ण होंठ और नाक को फिर से बनाया है. ‘केएएस मेडिकल सेंटर एंड मेडस्पा’ के चिकित्सा निदेशक डॉ अजय कश्यप ने बताया कि विदीर्ण होंठ, नाक और […]

नयी दिल्ली : दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने नौ वर्षीय एक यमनी बच्चे की उपास्थि और वसा का इस्तेमाल कर उसके और उसके जुड़वा भाई के विदीर्ण होंठ और नाक को फिर से बनाया है.

‘केएएस मेडिकल सेंटर एंड मेडस्पा’ के चिकित्सा निदेशक डॉ अजय कश्यप ने बताया कि विदीर्ण होंठ, नाक और तालु की विकृति से सांस लेने में और बोलने में तकलीफ होती है.

उन्होंने बताया कि जुड़वा अहमद और शाद को सांस लेने में तकलीफ थी और ठीक से बोल भी नहीं पाते थे. कश्यप ने बताया कि यह सर्जरी दो सप्ताह पहले की गई, जो बिना किसी समस्या के सफल रही.

उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों में से एक स्वस्थ नहीं था, इसलिए एक की पसली की हड्डी से उपास्थि और वसा ली गई. यह एक जन्मजात दोष है, जो दुनिया भर में प्रति 10,000 बच्चों पर 3.28 को होता है.

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