प्रकाश पर्व पर रहती है दुनिया भर के सिखों की नजर

अनुपम कुमारी पटना : सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह की जयंती देशभर में प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है. एकता, प्रेम, भाईचारा और सेवाभाव के रूप में यह पर्व मनाया जाता है. भगवान एक है. एक ही गुरु है . जहां गुरु जाते हैं, वह स्थान पवित्र हो जाता है. भगवान को […]

अनुपम कुमारी

पटना : सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह की जयंती देशभर में प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है. एकता, प्रेम, भाईचारा और सेवाभाव के रूप में यह पर्व मनाया जाता है. भगवान एक है. एक ही गुरु है . जहां गुरु जाते हैं, वह स्थान पवित्र हो जाता है. भगवान को याद करने, मेहनत से कमाई करने और उसके बाद मिल बांट के खाने का संदेश दुनियाभर में देने वाले ऐसे ही गुरु गोविंद सिंह की जयंती सिख समुदाय मनाते हैं. विशेषकर यह पर्व बिहार के लिए खास है. यह पर्व समाज के हर व्यक्ति को साथ में रहने, खाने और मेहनत से कमाई करने का संदेश देता है.
352वां प्रकाश पर्व मनायेगा बिहार
सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह का जन्म पांच जनवरी 1666 में बिहार पटना में हुआ था. उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 352वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है. इसे लेकर तख्त श्री हरिमंदिर पटना साहिब में जोरों-शोर से तैयारी की जा रही है. पूरे देश से लगभग दो लाख श्रद्धालुओं की पहुंचने और मत्त्था टेकने की उम्मीद जताई जा रही है.
तीन दिनों तक होगी कार्यक्रमों की धूम
11 जनवरी से लेकर 13 जनवरी तक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. तख्त श्री हरिमंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव महेंद्र पाल सिंह ढ़िलन ने बताया कि प्रकाश पर्व पर प्रभातफेरी ,विशाल नगर कीर्तन अादि कई कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है. इनमें 11 जनवरी को तीन दिवसीय अखंड पाठ, बड़ी प्रभातफेरी निकाली जायेगी. तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब से चार बजे प्रभात फेरी निकाली जायेगी, जो वापस रात्रि आठ बजे तक लौटेगी. रात्रि में कीर्तन उत्सव,कवि दरबार जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. 12 जनवरी को नगर-कीर्तन, अखंड पाठ व कीर्तन दरबार की व्यवस्था की गयी है. नगर-कीर्तन में हाथी, घोड़े और बैंड बाजे के बीच निकाली जायेगी. इसके बाद 13 को कीर्तन दरबार, कथा प्रचारक अरदास लाइव प्रोग्राम दूरदर्शन पर दिखाया जायेगा. साथ ही बड़े -बड़े पदाधिकारियों और वीआइपी का अभिनंदन किया जायेगा. इसमें देश -विदेश के प्रमुख संत-महापुरुष भी शामिल होंगे.

बाहर से बुलाये गये हैं कलाकार
इसे लेकर देश-विदेश से कलाकार बुलाये गये हैं. पंज (पांच) प्यारे नगर कीर्तन की अगुवाई में प्रभात फेरी निकाली जायेगी. गुरुग्रंथ साहिब को फूलों की पालकी से सजे वाहन पर सुशोभित करके कीर्तन विभिन्न जगहों से होता हुआ गुरुद्वारे पहुंचेगा. प्रभातफेरी के दौरान जत्थे कीर्तन कर संगत को निहाल करते हैं.
की गयी है आकर्षक सजावट
352वें प्रकाशोत्सव व शुकराना समारोह की भव्य तैयारी चल रही है. चार जनवरी से लेकर 12 जनवरी तक मुख्य समारोह आयोजित किये जायेंगे. इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पटना पहुंचेंगे. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रहने- ठहरने की व्यवस्था की गयी है. साथ ही तीर्थ स्थलों के बारे में सारी जानकारी देने के लिए हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गयी है. गुरुद्वारों की भव्य सजावट की गयी है. गुरु का प्रसाद लंगर भी बांटे जाने से लेकर गुरु गोविंद सिंह पर आधारित वाणी बाेली जायेगी. अपनी परंपरानुसार प्रभातफेरी में शामिल स्त्री-पुरुष सफेद वस्त्र एवं केसरिया चुन्नी धारण कर गुरुवाणी का गायन करते हुए लोग सड़कों पर नगर कीर्तन करते दिखाई देंगे. जत्थों का जगह-जगह पर स्वागत करने की तैयारी है.

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