पटना में इलाहाबादी अमरूद पर भारी पड़ रहा छत्तीसगढ़ी

पटना : इन दिनों राजधानी में छत्तीसगढ़ का अमरूद छाया हुआ है. पटना की विभिन्न मंडियों के थोक कारोबारियों के अनुसार अमरूद मुख्य रूप से बाजार समिति, न्यू मार्केट और मीठापुर सब्जी मंडी में हर रोज तीन से चार ट्रक आ रहा है और हर छोटे बड़े बाजार में बड़े साइज का हरा हरा अमरूद […]

पटना : इन दिनों राजधानी में छत्तीसगढ़ का अमरूद छाया हुआ है. पटना की विभिन्न मंडियों के थोक कारोबारियों के अनुसार अमरूद मुख्य रूप से बाजार समिति, न्यू मार्केट और मीठापुर सब्जी मंडी में हर रोज तीन से चार ट्रक आ रहा है और हर छोटे बड़े बाजार में बड़े साइज का हरा हरा अमरूद खूब बिक रहा है.

छत्तीसगढ़ी अमरूद ने इलाहाबादी अमरूद के एकछत्र राज को एक तरह से समाप्त कर दिया है. इस अमरूद की विशेषता यह है कि एक का वजन 400 ग्राम तक होता है. इस वक्त अमरूद की कीमत 100 से लेकर 120 रुपये प्रति किलो है. इनमें कुछ हरे तो कुछ हल्के हरे होते हैं. इनमें हरा वाला अमरूद स्वादिष्ट होता है. हल्के हरे रंग वाले में कोई स्वाद नहीं होता है. बाजार समित के थोक कारोबारी असलम ने बताया कि छत्तीसगढ़ से आने वाले अमरूद के कारण इलाहाबादी अमरूद की मांग कम हो गयी है. इस कारण कारोबारियों ने इलाहाबाद के अमरूद को मंगाना लगभग बंद कर दिया है.

हाजीपुर इलाके से आता है लोकल अमरूद

मिली जानकारी के अनुसार लोकल अमरूद हाजीपुर इलाके से आता है, जो आकार में छोटा और मीठा होता है. लोकल अमरूद 60 रुपये से लेकर 80 रुपये तक बाजार में बिक रहा है. इस अमरूद की खासियत यह है कि इसका गुदा मुलायम और मीठा होता है. अमरेश महतो ने बताया कि आजकल लोग हाइब्रिड वाले फल को ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि ये देखने में सुंदर लगते हैं. कारोबारियों की मानें तो इन दिनों पटना के बाजार में जो इलाहाबादी अमरूद आ रहा है, वह निम्न स्तर का है. यह काफी कड़ा होता है और दांत से काट कर खाना आसान नहीं होता है. असली इलाहाबादी अमरूद में लाल रंग के छींटे जगह-जगह होते हैं. यह अमरूद बिहार में छठ पर्व से आना शुरू हो जाता है और मार्च तक बाजार में उपलब्ध होता है.

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