युवतियों में बढ़ रहा फाइब्रोएडिनोमा

डॉ रागिनी ज्योति बीएचएमएस, आदर्श होमियो क्लीनिक, राजीव नगर, पटना मो: 8434371215 छह में से एक महिला को (15%) उनके जीवन में कम-से-कम एक बार फाइब्रोएडिनोमा होता है. ज्यादातर ये ट्यूमर महिलाओं को 20 और 30 वर्ष के दौरान होते हैं. भारत (2012) में आयोजित एक अध्ययन के अनुसार, यह देखा गया है कि फाइब्रोएडिनोमा […]

डॉ रागिनी ज्योति
बीएचएमएस, आदर्श होमियो क्लीनिक, राजीव नगर, पटना
मो: 8434371215
छह में से एक महिला को (15%) उनके जीवन में कम-से-कम एक बार फाइब्रोएडिनोमा होता है. ज्यादातर ये ट्यूमर महिलाओं को 20 और 30 वर्ष के दौरान होते हैं. भारत (2012) में आयोजित एक अध्ययन के अनुसार, यह देखा गया है कि फाइब्रोएडिनोमा शहरी इलाकों में रहनेवाली महिलाओं और उच्च सामाजिक वर्गों में ज्यादा पायी जाती है. इसके अलावा, फाइब्रोएडिनोमा विवाहित महिलाओं में अविवाहित महिलाओं की तुलना में (जल्दी शादी और समता के कारण) ज्यादा होता है. अधिकांश महिलाओं के बीच भ्रम की स्थिति है कि फाइब्रोएडिनोमा कैंसर भी बन सकता है.
फाइब्रोएडिनोमा क्या है : फाइब्रोएडिनोमा एक सौम्य स्तन ट्यूमर हैं, जो आमतौर पर किशोरों और युवतियों (14 से 40 आयु वर्ग) में पाया जाता है. फाइब्रोएडिनोमा रेशेदार और ग्रंथिमय ऊतक से बनी, छोटी, ठोस, रबड़ जैसी, गैर-कैंसरयुक्त, हानिरहित गांठ होती है. चूंकि, स्तन कैंसर एक गांठ के रूप में भी दिखाई दे सकता है, इसलिए डॉक्टर आम तौर पर कैंसर की संभावना को खत्म करने के लिए इस ऊतक के बायोप्सी का सुझाव देते हैं. स्तन कैंसर की विशिष्ट गांठों के विपरीत फाइब्रोएडिनोमा आसानी से स्थानांतरित हो सकते हैं और उनके किनारे साफ नजर आते हैं.
कारण और जोखिम : फाइब्रोएडिनोमा का सही कारण ज्ञात नहीं है, पर कुछ हद तक सामान्य एस्ट्रोजन संबंधी हार्मोंस में अनियमितता के कारण यह हो सकता है. प्रजनन वर्षों (20 से 30 वर्ष) में फाइब्रोएडिनोमा सबसे आम हैं. और पोस्ट मेनोपॉजल महिलाओं में नहीं के बराबर पाये जाते हैं. जिनके रिश्तेदारों में या परिवार में स्तन कैंसर या डिम्बग्रंथि या ओवेरियन कैंसर रहा हो, उनमें फाइब्रोएडिनोमा का खतरा अधिक होता है.
फाइब्रोएडिनोमा शायद ही कभी बड़ी उम्र की महिला में दिखाई देता है. इसलिए, 40 वर्ष की आयु के बाद अगर स्तन में गांठ महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सक से मिलें, अल्कोहलिक और अव्यवस्थित लाइफस्टाइल या अधिक वजन होना स्तन कैंसर का कारण बनता है.
लक्षण : फाइब्रोएडिनोमा एक या दोनों स्तनों को गांठ के रूप में प्रभावित कर सकता है. इसका आकार एक कंचे से लेकर एक गोल्फ की गेंद के बराबर हो सकता है. इसके छूने पर हल्का दर्द हो सकता है. यह गर्भावस्था के दौरान इस गांठ का आकार बढ़ता है और रजोनिवृत्ति के दौरान छोटा हो जाता है.
अपना खान-पान सुधारें : फाइब्रोएडिनोमा न हो उसके लिए कम वसा, उच्च फाइबर, शाकाहारी आहार, आयोडिन युक्त नमक, खाने में हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए. कैफीन का सेवन कम करें. समय-समय पर गांठ को हाथ लगा कर चेक करते रहें और जरा भी संदेह होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
केस स्टडी
19 वर्ष की सुप्रिया को, कुछ माह से अपने बायें स्तन में गांठ जैसा महसूस हो रहा था. उन्होंने शुरू में तो इसे नजरअंदाज किया, पर कुछ सप्ताह बाद दाहिने स्तन में भी गांठ हो गया और धीरे-धीरे उसका आकर बढ़ने लगा. पूछने पर उन्होंने बताया कि पहले दर्द नहीं था, पर अब छूने पर हल्का दर्द होता है. पीरियड के पहले दर्द ज्यादा बढ़ जाता है. अल्ट्रासाउंड से पता चला कि सुप्रिया को सौम्य स्तन ट्यूमर(नॉन कैंसरस) है, जिसको फाइब्रोएडिनोमा कहते हैं. सुप्रिया स्वभाव से बहुत हंसमुख और मिलनसार हैं. उनके लक्षणों को देखते हुए मैंने उनको फॉफोरस 200 होम्योपैथिक दवा दी. पहले तीन महीने में गांठ का आकर थोड़ा छोटा हुआ और दर्द में आराम हुआ. एक साल तक दवा लेने के बाद गांठ पूरी तरह से समाप्त हो गया.
दवा और सर्जरी दोनों है इलाज
फाइब्रोएडिनोमा की पहचान आम तौर पर क्लिनिकल परीक्षण, अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी और अक्सर गांठ की एक निडिल बायोप्सी नमूने के माध्यम से की जाती है. ज्यादातर फाइब्रोएडिनोमा को यथावत छोड़ दिया जाता है क्योंकि रजोनिवृति के बाद ये अपने आप समाप्त हो जाते हैं. किंतु डॉक्टर या संबंधित रोगी द्वारा उसकी निगरानी की जाती है.
कुछ फाइब्रोएडिनोमा जो आकार में बढ़ने लगते हैं या जिनमे दर्द रहता है. उनका इलाज दवाइयों द्वारा या सर्जरी द्वारा किया जा सकता है. इसके अलावा गांठ को ठंडे तरल नाइट्रोजन का उपयोग करके (क्रायोब्लेशन) या अल्ट्रासाउंड, एमआरआइ के साथ उच्च आवृत्ति ऊर्जा (रेडियो फ्रीक्वेंसी पृथक) से गांठ को नष्ट किया जाता है.

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