Dishwashing Soap Side Effects: घर में रोजाना बर्तन और कपड़े साफ करने के लिए साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल होता है. सफाई के लिए इनका इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन इनसे होने वाली जलन या किसी तरह की एलर्जी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सही तरीके से इस्तेमाल और अच्छी तरह से सफाई रखने से इनके संपर्क से होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
बर्तन धोने के बाद अच्छी तरह करें सफाई
बर्तन धोने के बाद उन पर साबुन या डिटर्जेंट की परत न रह जाए, इसका ध्यान रखना जरूरी है. बर्तनों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और जरूरत लगे तो दो-तीन बार पानी से खंगालें. इससे साबुन के बचे हुए अंश हटाने में मदद मिलती है. बर्तनों को पोंछने के लिए साफ और सूखे कपड़े का इस्तेमाल कर सकती हैं.
हाथों की त्वचा का भी रखें ध्यान
लगातार साबुन और डिटर्जेंट के संपर्क में रहने से कुछ लोगों के हाथों में रूखापन, खुजली या लाल चकत्ते जैसी परेशानी हो सकती है. अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो बर्तन और कपड़े धोते समय रबर के दस्ताने पहनना बेहतर विकल्प हो सकता है. काम खत्म करने के बाद हाथों को साफ पानी से धोकर मॉइस्चराइजर लगाएं.
कपड़े धोते समय इन बातों का रखें ध्यान
कपड़ों में डिटर्जेंट के अवशेष न रह जाएं, इसके लिए उन्हें अच्छी तरह से पानी में खंगालना जरूरी है. खासकर बच्चों के कपड़े धोते समय अतिरिक्त सावधानी रखें. अगर किसी डिटर्जेंट के इस्तेमाल से त्वचा में बार-बार जलन या खुजली हो रही है, तो उसका इस्तेमाल रोककर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
सफाई के लिए आजमा सकती हैं ये चीजें
बर्तन की हल्की चिकनाई या दाग हटाने के लिए कुछ घरेलू चीजों का इस्तेमाल भी किया जाता है. बेकिंग सोडा, नींबू और नमक जैसी चीजें कई घरों में सफाई के काम आती हैं. हालांकि, हर सतह और बर्तन पर इनका इस्तेमाल सही नहीं होता, इसलिए पहले छोटी जगह पर आजमाकर देखें.
सफाई के साथ सावधानी भी जरूरी
साबुन या डिटर्जेंट को पूरी तरह छोड़ना हर किसी के लिए संभव नहीं होता. ऐसे में सबसे जरूरी है कि इनका इस्तेमाल निर्देश के अनुसार करें, बर्तनों और कपड़ों को अच्छी तरह पानी से साफ करें और त्वचा को सीधे संपर्क से बचाएं. किसी तरह की एलर्जी या लगातार त्वचा संबंधी परेशानी होने पर विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.
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